बांग्लादेश से बड़े पैमाने पर मानव तस्करी की खुफिया जानकारी पर एटीएस और अपराध शाखा की टीम ने स्थानीय रेलवे स्टेशन पर संयुक्त छापामार कार्रवाई की। नौ महिला और एक पुरुष को अपराध शाखा में लाया गया। बांग्लादेश दूतावास को इसकी जानकारी दे दी गई थी।

मिली थी सटीक जानकारी
गुप्तचर ने एटीएस को जानकारी दी थी कि हावड़ा-अहमदाबाद एक्सप्रेस से मानव तस्करी हो रही है। इंजन के पीछे वाले कोच में महिला और पुरुष बैठे हुए हैं। उनकी फोटो भी एटीएस को मिली थी।

रात दस बजे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के आदेश पर अपराध शाखा के मुखिया चिन्मय पंडित की मौजूदगी में अपराध शाखा और एटीएस की टीम ने उक्त ट्रेन को घेर लिया। बताए गए कोच की छानबीन की गई, मगर महिला और पुरुष हाथ नहीं लगे।

आधे घंटे की छानबीन के दौरान आखिरी कोच में 9 महिलाएंमिली , जिसमें दो युवतियां भी थीं। उनके साथ एक पुरुष भी था। उन्हें कब्जे में लेकर अपराध शाखा लाया गया। पकड़ी गई महिलाओं के साथ 5 बच्चे भी हैं। यह सभी लोग 22 नवंबर को ट्रेन में सवार हुए थे। इसके दस्तावजों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है।

चौंकाने वाला खुलासा
इन लोगों ने बताया कि दलाल की मदद से कई किलोमीटर पैदल चल कर उन्होंने नदी किनारे से सीमा में प्रवेश किया। हावड़ा पहुंचने के बाद दलाल की मदद से उन्हें सूरत में ले जाया गया था। दलाल ने कहा था कि देह व्यापार के अलावा उन्हें अन्य कामों में भी लगाया जाएगा।

एक युवती ने अभियंत्रिकी की शिक्षा प्राप्त की है, लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने और नौकरी नहीं मिलने से वह देह व्यापार के लिए तैयार हो गई। उन्होंने बताया कि उनके गांव तथा आस-पास की कई महिलाएं और पुरुष इसी तरह से घुसपैठ कर लाए गए हैं। पुलिस दलालों को घेरने की फिराक में है।

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