केंद्र सरकार की तरफ से उत्पाद शुल्क और राज्यों की तरफ से VAT में कमी किये जाने के बाद पेट्रोल-डीजल के दाम कम हुए हैं। हालांकि हालांकि अभी भी इसकी कीमत 100 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई है।

इन सबके बीच भारत ने ऐसा पहल किया है जिससे आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमत में और गिरावट आ सकती है, भारत कच्चे तेल की कीमतों में कमी लाने के लिए जारी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा बनते हुए अपने रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल कच्चा तेल जारी करेगा।

केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक बयान में रणनीतिक तेल भंडार से 50 लाख बैरल तेल की निकासी करने के फैसले की जानकारी दी। यह पहला मौका है जब भारत अपने रणनीतिक भंडार से कच्चे तेल की निकासी करेगा।

इससे कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को नीचे लाने में मदद मिलेगी। सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत अपने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार से 50 लाख बैरल कच्चा तेल जारी करने पर सहमत हुआ है, यह कदम अमेरिका, चीन, जापान एवं दक्षिण कोरिया जैसे प्रमुख तेल उपभोक्ता देशों के साथ तालमेल बनाकर उठाया गया है।

इस बयान के मुताबिक, ‘भारत का दृढ़ मत है कि तरल हाइड्रोकार्बन की कीमत तर्कसंगत होनी चाहिए। भारत ने बार-बार इस बात पर चिंता जताई है कि तेल उत्पादक देश तेल की आपूर्ति को कृत्रिम ढंग से मांग से कम रखते हैं।

इससे तेल की कीमतें बढ़ती हैं और नकारात्मक नतीजे सामने आते हैं.’ हालांकि, बयान में यह नहीं बताया गया है कि रणनीतिक भंडार से कच्चे तेल की निकासी कब होगी, लेकिन घटनाक्रम से परिचित एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अगले हफ्ते-दस दिन में यह प्रक्रिया शुरू हो जाएगी

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