राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने शनिवार को ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2021’ पुरस्कारों की घोषणा की जिसमें छत्तीसगढ़ को देश का सबसे स्वच्छ राज्य होने का अवॉर्ड मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर को लगातार 5वीं बाद देश का सबसे साफ शहर घोषित किया गया.

वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में छत्तीसगढ़ को सबसे स्वच्छ राज्य का पुरस्कार दिया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश के वाराणसी ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के पुरस्कारों में सबसे स्वच्छ गंगा शहर जीता है।

गुजरात के सूरत शहर को पिछले साल सबसे स्वच्छ शहरों की सूची में दूसरा स्थान मिला था और इस साल भी सूरत ने अपना स्थान बरकरार रखा है। इस बीच, आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा ने सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। साल 2020 में, महाराष्ट्र में नवी मुंबई को भारत का तीसरा सबसे स्वच्छ शहर माना गया।

स्वच्छ सर्वेक्षण के 2021 संस्करण में कुल 4,320 शहरों ने भाग लिया। शहरों को आमतौर पर स्टार सिस्टम का उपयोग करके रेट किया जाता है और इस साल, 342 शहरों को, 2018 में 56 की तुलना में कुछ स्टार रेटिंग के तहत प्रमाण पत्र दिए गए। इसमें नौ पांच स्टार शहर, 166 तीन स्टार शहर, 167 एक स्टार शहर शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा, यह स्वच्छ सर्वेक्षण का छठा संस्करण है जो दुनिया का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण बन गया है।

केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्विटर पर इंदौर और इसके “लोगों, राजनीतिक नेतृत्व और नगर निगम” को बधाई दी। इस अवसर पर राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि महात्मा गांधी ने कहा था कि स्वच्छता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और गांधीजी की इसी प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया ।

उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि 35 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों तथा शहरी क्षेत्र खुले में शौच से मुक्त हुए हैं। कोविंद ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सबसे बड़ी सफलता देश की सोच में बदलाव आना है जहां अब घर के छोटे बच्चे भी बड़ों को गंदगी फैलाने से रोकते और टोकते हैं । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि मनुष्य द्वारा सिर पर मैला ढोना एक शर्मनाक प्रथा है और इसे रोकने की जिम्मेदारी केवल सरकार की ही नहीं बल्कि समाज और देश के सभी नागरिकों की है। उन्होंने सुझाव दिया कि सभी शहरों में मशीन से सफाई की सुविधा उपलब्ध करायी जानी चाहिए। राष्ट्रपति ने स्वच्छता पुरस्कार विजेता शहरों की अच्छी प्रथाओं एंव चलन को अपनाने की बात भी की ।

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