कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा बुधवार रात करीब 11 बजे आगरा पहुंचीं। यहां पहुंचकर उन्होंने कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मारे गए अरुण वाल्मीकि (Arun Valmiki) के परिजनों से मुलाकात की। प्रियंका ने अरुण की पत्नी और मां से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।

इससे पहले प्रियंका को राजधानी लखनऊ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और उन्हें आगरा जाने से रोक दिया था। हालांकि, कुछ घंटों बाद पुलिस ने उन्हें आगरा जाने की इजाजत दे दी थी।

प्रियंका के साथ यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू, आचार्य प्रमोद कृष्णम और एमएलसी दीपक सिंह को भी आगरा जाने की अनुमति मिल गई थी। आगरा के पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद प्रियंका ने आरोप लगाते हुए कहा कि पत्नी के सामने अरुण को पीटा गया।

उन्होंने बताया कि उनके भाइयों से दो बजे अरुण की मुलाकात हुई थी, उस वक्त तक वो ठीक थे, लेकिन 2:30 बजे बताया गया कि उनकी मौत हो गई।

प्रियंका ने आरोप लगाते हुए कहा, ‘पोस्टमॉर्टम में परिवार का एक भी सदस्य मौजूद नहीं था। रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। एक तहरीर दिखाई गई उनके भाई को. उन्हें पढ़ना नहीं आता। उनसे साइन करवाई गई।

उनके घर में तोड़फोड़ हुई है. उनके पलंग तोड़े गए हैं. कपड़े फेंके गए हैं. उनका सारा सामान निकाला हुआ है. अरुण के भाई ने बेटी के शादी के लिए अलमारी में जो रखा था, वो भी लेकर चले गए हैं.’

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