तिरुवनंतपुरम, 20 अक्टूबर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बुधवार को कहा कि राज्य के दक्षिणी-मध्य जिलों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और बाढ़ से 39 लोगों की मौत हो गई और 217 घर पूरी तरह से नष्ट हो गए।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद कम से कम छह लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है और 304 पुनर्वास शिविर खोले गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मुहैया कराने के संकल्प के बाद विधानसभा अध्यक्ष एम बी राजेश ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।

विधानसभा का सत्र अगले दो दिनों के लिए रद्द कर दिया गया, क्योंकि विधायकों को अपने संबंधित क्षेत्रों में बाढ़ राहत कार्यक्रमों की निगरानी करनी है। अब सदन की कार्यवाही 25 अक्टूबर को शुरू होगी। बारिश से हुई क्षति पर दुख प्रकट करते हुए विजयन ने कहा कि यह दुख न केवल पीड़ित परिवारों के लिए, बल्कि पूरे राज्य के लिए असहनीय है।

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा, ”वे 39 लोग, जो कई साल तक जीवन जी सकते थे, उनकी मौत चार दिन की भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन में हो गई। इससे उनके परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है। सदन उनकी तकलीफ को गमगीन हृदय से साझा करता है।”

उन्होंने बताया कि केरल में 11 अक्टूबर से ही भारी बारिश हो रही है और 18-19 अक्टूबर को इसकी तीव्रता में थोड़ी कमी आई थी। वहीं मौसम विज्ञान विभाग ने 20 अक्टूबर से केरल समेत अन्य दक्षिणी राज्यों में अगले दो-दिन तक भारी बारिश की चेतावनी दी है।

इसी बीच विपक्ष का प्रतिनिधित्व करते हुए के बाबू (कांग्रेस) ने सदन में अपने संबोधन के दौरान सरकार से आपदा प्रबंधन प्रणाली में सुधार की अपील की।

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