लखनऊ जंक्शन फिल्म बनाने वाली कंपनी आराध्या आर्ट्स के डायरेक्टर विजय पाल के खिलाफ पीजीआइ कोतवाली में 2.20 करोड़ रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

मुकदमा तेलीबाग गांधी नगर में रहने वाले व्यवसायी रज्जन सिंह यादव ने दर्ज कराया है। आराध्या आर्ट्स कंपनी मुंबई के गोरे गांव में स्थित है। इंस्पेक्टर आनंद शुक्ला के मुताबिक रज्जन सिंह यादव ने बताया कि वह अगम फिल्मस कंपनी के निदेशक हैं।

13 नवंबर 2019 को उनकी और आराध्या आर्ट्स कंपनी के बीच समझौता हुआ था। आराध्या आर्ट्स के निदेशक विजय पाल ने लखनऊ जंक्शन के नाम से फिल्म बनाने की बात कही थी।

फिल्म में अभिनेत्री सपना चौधरी, अभिनेता राहुल राय, जाकिर हुसैन और अक्षय खान समेत अन्य कलाकारों को रखा गया। विनय सिंह के कहने पर उनकी कंपनी में 2.20 करोड़ रुपये लगाए।

यह रुपये विजय को दिए गए थे। चारबाग स्टेशन, पीजीआइ के दीनदयाल पार्क और अन्य स्थानों पर शूटिंग हुई। मसौदे के तहत विजय ने फिल्म में को-प्रोड्यूसर के तौर पर फिल्म कास्टिंग में शामिल करने का दावा किया था।

इसके साथ ही फिल्म की लागत के 2.20 करोड़ रुपये निकालने के बाद मुनाफे में 45 फीसद विजय और 55 फीसद की रज्जन की साझेदारी तय हुई थी। शूटिंग के दौरान कोविड महामारी बढ़ गई। जिसके चलते फिल्म की शूटिंग में भी लेट लतीफी हुई।

रज्जन का आरोप है कि विजय ने उनके साथ धोखाधड़ी की। बिना उन्हें जानकारी दिए ही सुप्रिया पाल सेंसर बोर्ड में सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई कर दिया। 20 अप्रैल को सेंसर बोर्ड ने फिल्म को यू-ए सर्टिफिकेट के साथ पास करा दिया।

रज्जन के मुताबिक उनसे रुपये लेकर विजय ने फिल्म बनाई। उन्हें धोखे में रखा और उन्हें को-प्रोड्यूसर के दौर पर भी नहीं शामिल किया।

रज्जन के मुताबिक फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है। जल्द ही फिल्म भी रिलीज होने वाली है। इंस्पेक्टर ने बताया कि विजय के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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