केरल में बारिश के कहर से मरने वालों की संख्या 26 हो गई है। सबसे बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में से एक कोट्टायम में 13 शव बरामद किए गए हैं। वहां बारिश से राहत मिलने के बाद सशस्त्र बलों और एनडीआरएफ की टीम ने बचाव कार्यों में लोगों की मदद की।

राजस्व मंत्री राजन के ने शनिवार को हुई जबरदस्त बारिश के बाद वहां से बीबीसी हिंदी को बताया, “हमारी बचाव टीमों ने कुट्टिकल, कोट्टायम और अन्य जगहों से 13 शव बरामद किए हैं। कई व्यक्ति अभी भी लापता हैं। हमारी सभी टीमें लापता लोगों को तलाशने की कोशिश कर रही हैं। बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित ज़िले कोट्टायम और इडुक्की हैं.”

इडुक्की ज़िले में बचावकर्मी आज चार और शव बरामद करने में सफल रहे।

इडुक्की ज़िले की कलेक्टर शीबा जॉर्ज ने बीबीसी हिंदी को बताया, “हमने कल दो शव बरामद किए थे. इसलिए मृतकों की संख्या अब आठ हो गई है. अभी पांच और लोग लापता हैं और उनके भी बचने की उम्मीद कम है, क्योंकि भूमि बहुत दलदली है.”

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, ”यह दुख की बात है कि केरल की भारी बारिश और भूस्खलन से कई लोगों की मौत हो गई. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं.”

‘अलेप्पी की स्थिति चिंताजनक’

राजस्व विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “अलेप्पी की स्थिति चिंताजनक है. यह हर तरफ़ से पानी से घिरा हुआ है. हालांकि पूरे राज्य में बारिश का असर काफी कम हो गया है.”

कुट्टिकल में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए सेना के मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप (एमईजी) को तैनात किया गया था। असल में कल अरब सागर में कम दबाव बनने से कोट्टायम ज़िले में ‘बादल फटने की दो या तीन घटना हुई’, जिससे वहां सबसे ज्यादा घर ढहे और भूस्खलन हुआ।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया, “अभी तक कोट्टायम, इडुक्की और पथानामथिट्टा ज़िले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं. अलेप्पी अभी पानी से घिरा है, क्योंकि यह ढलाई वाला इलाक़ा है. इसलिए यहां से होकर इडुक्की और कोट्टायम का सारा पानी नीचे बह रहा है. अलेप्पी से पानी अरब सागर में चला जाता है.”

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