सदियों से जिस गंगा-जमुनी तहज़ीब के लिए दुहाई देते रहे है आज उस संस्कृत के लिए खतरा खुद भारतीय संस्कृत के कथित रक्षक बनाते जा रहे है। कभी एक दूसरे के धर्म में शामिल को होकर भाईचारा बढ़ाने वाले समाज में आज धर्म के नाम पर ज़हर घोला जा रहा है।

गुड़गांव के सेक्टर-47 में इस शुक्रवार फिर खुले में नमाज के विरोध में रेजिडेंट्स ने भजन-कीर्तन किया। हालांकि विरोध कर रहे लोगों ने नमाज स्थल पर जाने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

ऐसे में पुलिस और रेजिडेंट्स के बीच जमकर बहसबाजी हुई। गुस्से में लोग पुलिस अधिकारियों से बोले कि अगर वे कोई हल नहीं निकाल सकते तो पुलिस स्टेशन में नमाज अदा करवा लें।

आपको बता दें कि पिछले कई हफ्तों से लगातार खुले में नमाज को लेकर बवाल हो रहा है। इससे पहले शुक्रवार 8 अक्टूबर को भी सेक्टर-47 में खुले में नमाज पढ़ने का विरोध रेजिडेंट्स ने भजन-कीर्तन करके किया था।

स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के सामने खाली जमीन पर इन लोगों ने हाथ में बैनर व लाउड स्पीकर के साथ भजन गाने शुरू कर दिए थे। इस दौरान लोगों को शांत करने के लिए पहुंचे बादशाहपुर के एसडीएम को भी नाराजगी का सामना करना पड़ा था। सेक्टरवासियों के आक्रोश को देखते हुए जिला प्रशासन ने नमाज स्थल में बदलाव कर दिया था।

रेजिडेंट्स ने कहा कि यहां एक दिन के लिए नमाज अदा करने की परमिशन दी गई थी, लेकिन अब हर शुक्रवार को यहां मुस्लिम समुदाय के लोग आ जाते हैं। उनका कहना था कि नमाजियों में सेक्टर का कोई रेजिडेंट शामिल नहीं है। अगर इन्हें नमाज अदा करनी है तो मस्जिद में करें या अपने घर में। इस मौके पर नगर निगम के पार्षद कुलदीप यादव भी रेजिडेंट्स के समर्थन में खड़े थे।

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