सिंघू सीमा पर शुक्रवार को एक कटे हाथ वाले व्यक्ति का शव मिलने के बाद से हरियाणा पुलिस हमलावरों के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा पाई है, क्योंकि आंदोलनकारी किसानों ने अबतक कोई जानकारी नहीं दी है।

हरियाणा पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, हमें सुबह करीब 5 बजे घटना की सूचना मिली कि किसानों के विरोध स्थल के मंच के पास एक व्यक्ति मृत पाया गया, जिसके बाद पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची।

उन्होंने कहा कि उन्होंने साइट पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश की लेकिन किसी ने उन्हें कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा, यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि इस अपराध के लिए कौन जिम्मेदार था।

पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्राथमिकी के अनुसार, जब पुलिसकर्मियों की एक टीम मौके पर पहुंची तो उन्हें एक व्यक्ति मिला, जिसका एक हाथ कटा हुआ था, जो एक उलटे बैरिकेड से बंधा हुआ था। शव के पास कई निहंग सिख पुरुष खड़े थे। पुलिस ने जब उनसे बात करने की कोशिश की तो किसी भी प्रदर्शनकारी ने सहयोग नहीं किया।

प्राथमिकी में कहा गया, निहंगों ने हमें उस व्यक्ति के शव को बैरिकेड्स से नीचे उतारने तक नहीं दिया।

पीड़ित की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

कथित तौर पर, शव उसी स्थान पर मिला था, जहां किसान पिछले एक साल से तीन विवादास्पद कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं।

यह आरोप लगाया जा रहा है कि उस व्यक्ति को सिख धार्मिक पवित्र पुस्तक का अपमान करते हुए पकड़ा गया था, हालांकि, इस बारे में आधिकारिक पुष्टि अभी भी प्रतीक्षित है।

यह संभव है कि व्यक्ति को बेरहमी से मारने से पहले उसे प्रताड़ित किया गया हो।

सीमा पर हरियाणा दिल्ली दोनों तरफ से भारी पुलिस बल की तैनाती देखी जा सकती है।

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