सीबीआई ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पूर्व सलाहकार बशीर खान के अलावा 40 और ठिकानों पर छापेमारी की। बता दें कि यह छापेमारी बंदूकों के फर्जी लाइसेंस जारी करने वाले रैकेट को लेकर की गई।

फर्जीवाड़े का खुलासा: 2017 में राजस्थान आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने फर्जी लाइसेंस जारी करने को लेकर खुलासा किया था और फर्जी तरीके से शस्त्र लाइसेंस जारी करने के आरोप में 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया था।

इस रैकेट में बशीर खान की संलिप्तता को लेकर एजेंसी ने गृह मंत्रालय को पहले ही जानकारी दी थी। जिसके बाद उन्हें इसी महीने की शुरुआत सलाहकार के पद से हटा दिया था।

कुल 40 ठिकानों पर छापेमारी: बशीर खान को पिछले साल मार्च में तत्कालीन उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू का सलाहकार बनाया गया था जोकि मौजूदा एलजी मनोज सिन्हा के भी सलाहकार रहे। वहीं जम्मू-कश्मीर के 14 जगहों के अलावा दिल्ली और मध्य प्रदेश समेत 40 ठिकानों पर सीबीआई की छापेमारी की गई है।

आरोप है कि तत्कालीन लोक सेवकों ने बाकी के आरोपियों के साथ मिलकर राज्य के गैर निवासियों को नियमों के खिलाफ जाकर शस्त्र लाइसेंस जारी किये। इसके लिए उन्होंने रिश्वत भी ली।

इससे पहले भी हुई है छापेमारी: फर्जी गन लाइसेंस जारी करने को लेकर तीन पहले भी एजेंसी ने छापेमारी की थी। सीबीआई ने उस दौरान 2 सीनियर IAS अधिकारियों, शाहिद इकबाल चौधरी और नीरज कुमार को भी जांच के दायरे में शामिल किया हैं। इन दोनों IAS अधिकारियों पर 2 लाख फर्जी गन लाइसेंस जारी करने के मामले में लिप्त रहने का आरोप है।

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