उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के गांव में दो पुलिसकर्मियों ने पीट-पीटकर एक ई-रिक्शा चालक की हत्या कर दी जिसके बाद एसएसपी ने दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया  है। 

ई-रिक्शा चालक की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने अलीगढ़ से छतारी रोड पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

गुस्साए लोगों की भीड़ को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दूसरी तरफ  पुलिस ई-रिक्शा चालक की मौत की वजह हार्टअटैक बता रही है।

ज़िले के छतारी एरिया के चौडेरा गांव निवासी ई-रिक्शा चालक गौरी शंकर से रविवार रात कस्बा चौकी में चौकी इंजार्च और सिपाही ने मारपीट कर दी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल हालत में उसे उपचार के लिए अलीगढ़ के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से उसकी मौत हुई है।

उधर, घटना के विरोध में सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। यहां उन्होंने जाम लगाकर पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने सिपाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।

बताया जाता है कि पुलिस वालों ने ई-रिक्शा चालक की बेरहमी से पिटाई की थी,इसके बाद गंभीर रूप से घायल चालक को अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए ले जाया गया है।

जहां उपचार के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ई रिक्शा चालक की पिटाई की थी। जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई है।

ग्रामीणों ने पुलिस के प्रति खासा आक्रोश जताते हुए रोड जाम कर दिया ।बाद में  स्थानीय विधायक अनीता लोधी एवं डीएम और एसएसपी के अनुरोध के बाद जाम खोला गया ।

वहां बीजेपी विधायक अनिता लोधी और परिजनों के बीच भी नोकझोंक हुई। विधायक ने पीड़ित परिवार को 15 लाख की आर्थिक मदद और परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। परिजनों ने उसके बाद भी प्रदर्शन किया। 

एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने दरोगा और सिपाही के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर दोषी होने पर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है।पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को शव सौंप दिया है। 

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