लखीमपुर हिंसा मामले में विपक्ष और किसानों के दबाव के बाद भी बीजेपी, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा पर फिलहाल कार्रवाई के मूड में नहीं दिख रही है। सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच खत्म होने के बाद पीएम मोदी इसपर फाइनल कॉल लेंगे।

लखीमपुर मामले में अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। दूसरी ओर आशीष मिश्रा के पिता इस हिंसा में किसी भी तरह से अपने बेटे की संलिप्ता का इनकार कर रहे हैं। अजय मिश्रा इस केस से अलग पार्टी और सरकार के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।

भाजपा सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि पार्टी, पुलिस जांच की प्रतीक्षा कर रही है। पुलिस द्वारा जांच पूरी करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अजय मिश्रा पर फैसला लेंगे। उन्होंने कहा- “अगर कोई सबूत है जो घटना में उसकी संलिप्तता को दर्शाता है, तो शीर्ष नेतृत्व निर्णय लेगा। पार्टी सिर्फ इसलिए दबाव में नहीं आएगी क्योंकि विपक्ष उनके इस्तीफे की मांग कर रहा है।

सूत्रों ने कहा कि बीजेपी ने आकलन किया है कि इस घटना का अगले साल होने वाले यूपी विधानसभा चुनावों में कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भाजपा के नेता ने कहा- “हालांकि, जांच की प्रगति के आधार पर पार्टी अंतिम निर्णय लेगी”।

सूत्रों ने यह भी बताया कि एसआईटी ने आशीष के लिए इस मामले से संबंधित ढेर सारे प्रश्न तैयार किए थे, लेकिन आरोपी ने अधिकांश सवालों का जवाब नहीं दिया। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा, “आशीष मिश्रा ने रविवार को 12 घंटे की पूछताछ के दौरान करीब 40 सवालों के जवाब दिए”।

सूत्रों ने कहा कि एसआईटी घटना के गवाहों के साथ आशीष का सामना भी कराएगी। इसके बाद आपराधिक साजिश के आरोपों पर उससे पूछताछ करेगी। एसआईटी उन सभी लोगों की पहचान भी करना चाहती है जो किसानों को टक्कर मारने वाली तीन गाड़ियों में सवार थे। इस घटना में चार किसानों की मौत हो गई थी। इसके बाद हुई हिंसा में मंत्री के ड्राइवर और दो बीजेपी कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। मरने वालों में एक पत्रकार भी शामिल है।

एक सीनियर अधिकारी ने ये बताया कि लखीमपुर में उस समय मौजूद पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है। सोमवार को, वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मामले की सुनवाई हुई। पुलिस ने सुनवाई के दौरान कहा कि सबूत इकट्ठा करने और आरोपी से आगे पूछताछ करने के लिए उसे हिरासत की आवश्यकता है।

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