एअर इंडिया की बिक्री टाटा कंपनी को किए जाने पर माकपा ने सोमवार को सरकार पर प्रहार करते हुए दावा किया कि केंद्र की तरफ से समूह को यह ”उपहार” है और राष्ट्रीय संपदा की ”दिनदहाड़े लूट” है। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि एयर लाइन का 46,262 करोड़ रुपये का कर्ज देश के लोगों पर छोड़ दिया जाएगा।

येचुरी ने कहा, ”केंद्र सरकार भारत के राष्ट्रीय संपदा की लगातार लूट कर रही है। राष्ट्रीय हवाई सेवा एअर इंडिया को टाटा कंपनी को बेच दिया गया। यह बिक्री मोदी सरकार द्वारा टाटा को नि:शुल्क उपहार देने के समान है। यह राष्ट्रीय संपदा की दिनदहाड़े लूट है।” उन्होंने कहा, ”टाटा पर 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज होगा जिसे निश्चित तौर पर पुनर्गठित किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार को महज 2700 करोड़ रुपये मिलेंगे।”

उन्होंने दावा किया कि शेष 46,262 करोड़ रुपये का कर्ज सरकार पर रहेगा जिसका मतलब है कि लोगों को इसे वहन करना होगा। येचुरी ने कहा, ”बहरहाल, एअर इंडिया द्वारा अधिग्रहित सभी संपत्तियां जिसमें विमान के नये बेड़े भी शामिल हैं, वे टाटा कंपनी के हो जाएंगे।” कांग्रेस के साथ राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन के एक सवाल पर येचुरी ने कहा कि अंतिम निर्णय पार्टी करेगी।

उन्होंने कहा, ”इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि भाजपा को अलग-थलग किया जाए और उसे पराजित किया जाए और भाजपा विरोधी वोट को एकजुट किया जाए। हम राज्यवार निर्णय करेंगे कि इसे बेहतर तरीके से कैसे किया जा सकता है। ध्यान हमारे स्वतंत्रत तरीकों को मजबूत करने, कमजोरियों का पता लगाने और उन्हें ठीक करने पर है।”

पार्टी सूत्रों ने संकेत दिए कि कांग्रेस के साथ राष्ट्रव्यापी गठबंधन पर शीर्ष नेतृत्व बंटा हुआ है। पोलित ब्यूरो की बैठक के दौरान केरल के नेताओं ने जहां इस विचार का विरोध किया वहीं पश्चिम बंगाल के नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के बगैर एकीकृत विपक्ष नहीं उभर सकता। संवाददाता सम्मेलन में येचुरी ने जम्मू-कश्मीर में हिंसा का मुद्दा भी उठाया और क्षेत्र में शांति लाने के केंद्र के वादे पर सवाल उठाए। माकपा नेता ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा को लखीमपुर खीरी घटना के सिलसिले में तुरंत बर्खास्त करने की भी मांग की।

Share.

Comments are closed.