प्रकृति हमारे स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर हर मौसम में अलग-अलग फल प्रदान करती है,जैसे सर्दियों में अमरूद.अमरूद ऐसा फल है जो देश के ज्यादातर हिस्सों में पाया जाता है, देश में उगाए जाने वाले फलों में क्षेत्रफल और उत्पादन के लिहाज से अमरूद का चौथा स्थान है।

उत्तराखंड से ले कर कन्याकुमारी तक इस की बागबानी की जाती है इसकी खेती बहुत ही लाभदायक है ।

मालवांचल में अमरूद को जामफल कहते है यहां की जलवायु अमरूद की खेती के लिए सबसे अधिक फायदेमंद है। अमरूद का उत्पादन देश में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश, गुजरात, बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक व आंध्र प्रदेश में होता है।

अमरूद की बागबानी सभी तरह की जमीन पर की जा सकती है, वैसे गरम और सूखी जलवायु वाले इलाकों में गहरी बलुई दोमट मिट्टी इस के लिए ज्यादा अच्छी मानी जाती है।

अमरूद स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त लाभदायक फल है। इसका मूल्य भले ही कम है पर पोषक तत्व सेब से भी अधिक है।

भारत में अमरूद की प्रसिद्ध किस्में इलाहाबादी सफेदा, लखनऊ49,ललित(लाल गूदेवाला), अर्का अमूल्या, ग्वालियर27,चित्तीदार, करेला, बेदाना,अमरूद सेब,वीएनआरबी आदि हैं।

अमरुद नाम संस्कृत के अमरुद्ध शब्द का अपभ्रंस है,वही एक नाम दृढ़बिजम भी हैं, इसके बीज की कठोरता के कारण यह नाम इसे दिया गया हैं। जितना उपयोगी अमरूद हैं उतने उपयोगी इसके बीज भी हैं, अमरूद के बीजो को कभी भी अधिक चबाकर नही खाना चाहिए। अमरूद स्वास्थ्य के लिए एक अदभुत फल है ,अमरूद मीठे स्वाद के कारण जितना पसंद किये जाते हैं उससे भी अधिक अपने गुणों के कारण खाये जाते हैं।

अमरूद के गुण

अमरूद का सेवन करने से पेट साफ रहता है। अमरूद आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है, अमरूद #मलेरिया के प्रभाव को खत्म करता है। अमरूद का सेवन करना आपको कब्ज से राहत दिलाता है। पके हुए अमरूद में पौष्टिकता अधिक होती है… क्योंकि यह हीमोग्लोबीन की कमी को दूर करता है। महिलाओं को पका हुआ अमरूद जरूर खाना चाहिए। अमरूद हड्डियों को मजबूत और ताकत प्रदान करता है,पेट के दर्द में पके हुऐ अमरूद में नमक मिलाकर सेवन करने से पेट का दर्द कम होता है। अमरूद की पत्तों को पीसकर उसका पेस्ट बना लें और उसमें काला नमक डालकर सेवन करने से #पेट दर्द ठीक हो जाता है। यदि दांत में दर्द हो तो आप अमरूद की पत्तियों को दातों से बारीक चबाये यदि मसूढ़ों में सूजन या दर्द हो तो अमरूद के पत्तों को हल्के गरम पानी में उबालकर कुल्ला करें अमरूद को राख या बालू में भाप कर रात में सोते समय खाने से खांसी दूर होती है नमक और कालीमिर्च को अमरूद पर लगाकर खाने से कफ विकार दूर होता है। अमरुद का सेवन #नशे की आदत से छुटकारा दिलाता है

छात्रों को दोपहर के समय अमरूद खाने से बहुत लाभ होता है,क्योंकि अमरूद स्मरण शक्ति को विकसित करता है।

नोट:अमरूद का सेवन कभी भी सुबह खाली पेट न करें,अधिक शीत प्रकृति वाले भी सेवन से बचे ।

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