गांधी परिवार से आने वाले वरुण पीलीभीत से बीजेपी के लोकसभा सांसद हैं। वरुण गांधी को कभी बीजेपी का फायर ब्रांड नेता माना जाता था। पिछले विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें यूपी में मुख्यमंत्री का युवा चेहरा बनाने की मांग उठी थी।

बीजेपी में आने के बाद लगातार बीजेपी ने उन्हें तवज्जो दी और फिर अचानक पार्टी में उनका कद घटता चला गया। इन दिनों वरुण लगातार बीजेपी के खिलाफ किसानों के समर्थन में खुलकर बोल रहे हैं।

सोशल मीडिया हो या योगी को पत्र लिखने का मामला है। वरुण लगातार चर्चा में हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वरुण गांधी को उनके बागी तेवरों के चलते ही ऐसी ‘सजा’ दी गई है।

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के बीच बीजेपी ने अपनी नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी घोषित की है। बीजेपी सांसद वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर किया गया। वहीं, कांग्रेस से बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है।

आपको बता दें कि बीजेपी सांसद किसानों के मुद्दे पर पिछले काफी समय से सरकार से अलग रूख रख रहे थे। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर भी वरुण गांधी कई दिनों ऐसे ट्वीट कर रहे थे जिससे बीजेपी सरकार को काफी मुश्किल हो रही थी। आज सुबह भी वरुण गांधी ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए कहा था कि किसानों का खून करने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।

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