त्योहार की शुरुआत अभी पूरी तरह हो भी नहीं पाई है कि खाद्य तेल बिना कढ़ाई चढ़े ही उबलना शुरू हो गए हैं। उत्पादन बेहतर होने के बाद भी खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतों को जिम्मेदार रोक पाने में असफल हैं।

साफ है कि जमा खोरी पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। तभी तो करीब एक पखवारा पहले तक 180 से 185 रुपये लीटर बिक रहा तेल अब 190 रुपये लीटर का आंकड़ा छू चुका है।

कारोबारी कहते हैं कि सरसों को तेल दो रुपये लीटर तक जाएगा। यही नहीं रिफाईंड भी पीछे नहीं है। इसमें भी पांच रुपये लीटर की तेजी दर्ज की गई है। लगातार बढ़ रही कीमतों पर कौन रोक लगाएगा।

थोक में बैल कोल्हू ब्रांड सरसों तेल की कीमत 1,870 (दस पाउच एक लीटर वाले यानी दस लीटर) का भाव गुरुवार को 1870 रुपये है। वहीं फॉरच्यून ब्रांड रिफाइंड ऑयल 2,360 (16 पाउच एक लीटर वाले यानी 16 लीटर) रुपये है।

बोले कारोबारी: फतेहगंज मंडी के विपुल अग्रवाल, ने बताया कि सरसों की कीमत में निरंतर तेजी है। पहले 4,500 से 4,800 रुपये क्विंटल सरसों थी जो बढ़कर 8,000 से 8,200 रुपये तक पहुंच गई है। सरसों के तेल में रफ्तार पकड़ते देख किसान भी माल निकाल नहीं रहा है। जरूरतभर सरसों बेच रहा है।

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