बहुजन समाज पार्टी के जिला उपाध्यक्ष मुनव्वर चौधरी के पोस्टर पर स्याही पोते जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसका कारण पार्टी के अंदर आपस में जंग छिड़ी माना जा रहा है।

जिसके कारण इस तरह की हरकत शरारती तत्वों के द्वारा की गई। हालांकि इस पूरे मामले को पार्टी के आला नेता दबाने में लगे हुए हैं।

जिला अध्यक्ष का कहना है कि इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता इस तरह की हरकत नहीं कर सकता। इसलिए कहीं ना कहीं किसी शरारती तत्व के द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम दिया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार 9 अक्टूबर को बसपा के संस्थापक काशीराम के 15वें परिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष में कई जगह पोस्टर लगे थे। जिन पर जिला उपाध्यक्ष के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और तमाम बसपा नेताओं के फोटो लगे थे

लेकिन केवल मुनव्वर चौधरी के फोटो पर ही स्याही पोत दी गई। जिसके बाद से पार्टी के अंदर कार्यकर्ताओं में घमासान मचा हुआ है। उधर मुनव्वर चौधरी का कहना है कि यदि पार्टी के अलावा कोई और इस हरकत को अंजाम देता तो सभी के फोटो पर स्याही पोती जाती।

लेकिन केवल उनके फोटो को ही टारगेट करते हुए उनके फोटो पर स्याही पोती गई है। इसलिए यह हरकत पार्टी के ही कुछ कार्यकर्ताओं की हो सकती है। इस घटना के बाद से पार्टी के अंदर सभी कार्यकर्ताओं में तमाम तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है।

वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले में बसपा के जिलाधक्ष वीरेंद्र कुमार जाटव का कहना है कि जिस तरह से सभी जगह बोर्ड लगाए गए थे। उस पर पार्टी के सभी बड़े नेताओं के फोटो लगे थे साथ ही जिला उपाध्यक्ष मुनव्वर चौधरी का फोटो भी लगा हुआ था।

मुनव्वर चौधरी के फोटो पर किसी शरारती तत्वों के द्वारा स्याही पोत दी गई। हालांकि जिन पोस्टर पर स्याही पोती गई, उन्हें हटा दिया गया है और इस पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है।

उन्होंने कहा कि लेकिन इस तरह की हरकत पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता नहीं कर सकता। यह किसी विपक्ष के शरारती लोगों का कार्य है।

उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी कार्यकर्ता मजबूती से पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं और धीरे-धीरे गाजियाबाद में बहुजन समाज पार्टी मजबूत भी हो रही है इसलिए विपक्ष को पार्टी का लगातार बढ़ता वर्चस्व हजम नहीं हो पा रहा है।

इसलिए पार्टी के अंदर फूट डालने का प्रयास किया गया है।

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