पनामा पेपर्स के बाद अब पैंडोरा पेपर्स के नाम से लीक हुए दस्तावेज में 300 से अधिक भारतीयों की विदेशों में छिपी हुई संपत्ति का खुलासा हुआ है। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, रिलायंस अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) के चेयरमैन अनिल अंबानी, बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ भी विदेशों में गुप्ता खातों में संपत्ति छिपाने वालों में शामिल है। इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) ने इस सनसनीखेज ‘पैंडोरा पेपर्स’ का पर्दाफाश किया है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के अध्यक्ष जेबी महापात्रा इस जांच दल का नेतृत्व करेंगे. सीबीडीटी के अलावा प्रवर्तन निदेशालय, भारतीय रिज़र्व बैंक और फ़ाइनेंशियल इंटेलीजेंस यूनिट भी जांच करेगी.

लीक हुए रिकॉर्ड से पता चलता है कि रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनके प्रतिनिधियों के पास कम से कम 18 ऑफ़शोर कंपनियां थीं। 2007 और 2010 के बीच स्थापित इन कंपनियों में से सात कंपनियों ने उधार लिया है और कम से कम 1.3 बिलियन डॉलर का निवेश किया है।

अनिल अंबानी की ओर से इस पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई, लेकिन एक अज्ञात वकील ने उनकी तरफ़ से रिपोर्टिंग पार्टनर इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हमारे मुवक्किल भारत में टैक्स देने वाले नागरिक हैं और उन्होंने भारतीय अधिकारियों से वो सब कुछ बताया है जो क़ानून के मुताबिक़ ज़रूरी है.”

वकील ने कहा, “लंदन कोर्ट में अपनी बात रखते हुए सभी ज़रूरी चीज़ों का ख़्याल रखा गया था. रिलायंस समूह पूरी दुनिया में कारोबार करता है. वैध कारोबार और नियामक ज़रूरतों के लिए कंपनियों को अलग-अलग न्यायिक क्षेत्रों में रखना पड़ता है.”

भारत में साफ़-सुथरी छवि रखने वाले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और उनके परिजनों का नाम भी पैंडोरा पेपर्स में आया है. उन्हें ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में एक संस्था का लाभार्थी मालिक बताया गया है जो साल 2016 में अस्तित्व में आई थी। सचिन तेंदुलकर, उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर और उनसे ससुर आनंद मेहता को इस कंपनी का लाभार्थी मालिक और डायरेक्टर बताया गया है।

सचिन तेंदुलकर

क्रिकेट सुपरस्टार और राज्यसभा सांसद रह चुके सचिन तेंदुलकर और उनके परिवार के 2 सदस्यों का नाम पेंडोरा पेपर्स में सामने आया है. पेंडोरा पेपर्स में उनका नाम ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (BVI) में एक ऑफशोर एंटिटी (विदेश में मौजूद कंपनी) के लाभकारी ओनर/मालिक के रूप में शामिल हैं. 2016 में उन्होंने अपने शेयर बेच (लिक्विडेट) दिये थें

पनामा लॉ फर्म -एल्कोगल- के रिकॉर्ड की जांच के अनुसार सचिन, उनकी पत्नी अंजलि तेंदुलकर और उनके ससुर आनंद मेहता को BVI स्थित कंपनी: सास इंटरनेशनल लिमिटेड के बीओ (बेनिफिशियल ओनर) और डायरेक्टर के रूप में नामित किया गया है.

अनिल अंबानी

द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा जांचे गए पेंडोरा पेपर्स के रिकॉर्ड से पता चलता है कि रिलायंस एडीए ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनके प्रतिनिधि जर्सी , ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स (बीवीआई) और साइप्रस में कम से कम 18 ऑफशोर कंपनियों के मालिक हैं

2007 और 2010 के बीच बनाए गए इनमें से सात कंपनियों ने उधार लिया है और कम से कम $1.3 बिलियन का निवेश किया है. लेकिन आश्चर्य की बात है कि फरवरी 2020 में तीन चीनी सरकारी बैंकों के साथ विवाद के बाद अनिल अंबानी ने लंदन की एक अदालत को बताया कि उनकी कुल संपत्ति शून्य थी.

क्या है पैंडोरा पेपर्स

117 देशों के 600 खोजी पत्रकारों ने इन दस्तावेज़ों की जांच की है। 14 स्रोतों से मिले इन दस्तावेज़ों की कई महीने तक जाँच की गई। फिर इन दस्तावेज़ों के आधार पर रिपोर्ट्स तैयार की गई और इन्हें इस हफ़्ते प्रकाशित किया जा रहा है।

यह लीक्ड डेटा इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इंवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (ICIJ) द्वारा प्राप्त किया गया था. उसने अब तक की सबसे बड़ी वैश्विक जांच पर 140 से अधिक मीडिया संगठनों के साथ काम किया.

पेंडोरा पेपर्स ने वर्तमान और पहले के दर्जनों वर्ल्ड लीडर्स तथा एशिया और मिडिल ईस्ट से लैटिन अमेरिका तक- सैकड़ों राजनेताओं और बड़ी हस्तियों की दूसरे देशों में मौजूद “ऑफशोर वित्तीय संपत्ति” को सामने लाने की बात कही है.

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