सुधर जाओ…नहीं तो 2 मिनट का वक्त लगेगा। जो कुछ लोग अंधेरे में प्रदर्शन कर रहे हैं, वे मुझसे मदद मांगा करते थे। ‘मैं केवल मंत्री नहीं हूं, सांसद, विधायक भर नहीं हूं, जो विधायक और सांसद बनने से पहले मेरे विषय में जानते होंगे उनको यह भी मालूम होगा कि मैं किसी चुनौती से भागता नहीं हूं।’ मिश्रा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, ‘जिस दिन मैंने उस चुनौती को स्वीकार करके काम कर लिया उस दिन पलिया नहीं, लखीमपुर तक छोड़ना पड़ जाएगा, यह याद रहे।’

सांसद अजय मिश्र टेनी के इन शब्दों का क्या अर्थ निकाला जाए क्या किसानो प्रदर्शन पर सुनियोजित नरसंहार की योजना सत्ताधरी सरकार ने बनाया था पहले। जानकारों के अनुसार मिश्रा पिछले महीने के आखिरी हफ्ते अपने संसदीय क्षेत्र में गये थे जहां कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे किसानों ने उन्हें काले झंडे दिखाए।

इससे गृह राज्य मंत्री नाराज हो गये और उन्होंने काले झंडे दिखाने वालों को यह गंभीर चेतावनी दे दी। इसके बाद से किसान उनके खिलाफ आंदोलित थे और बनबीरपुर में उनके पैतृक गांव में आयोजित एक समारोह में उत्तर प्रदेश के उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के जाने का विरोध कर रहे थे।


Read this also: केंद्रीय मंत्री अजय मिश्र टेनी ने दी थी धमकी और उनके बेटे ने किसानों पर चढ़ा दी गाड़िया


Share.

Comments are closed.