वायुसेना प्रमुख वीआर चौधरी ने मंगलवार को कहा कि कोयंबटूर में भारतीय वायुसेना की अकादमी में एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली महिला का ‘टू फिंगर टेस्ट’ नहीं किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि दोषी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

नवनियुक्त वायुसेना प्रमुख ने आठ अक्टूबर को वायुसेना दिवस के पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘ऐसी घटनाओं को लेकर भारतीय वायुसेना के नियम बहुत सख्त हैं और मामले की उच्चस्तरीय जांच की रिपोर्ट के आधार पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।’

वायुसेना प्रमुख चौधरी ने कहा, ‘मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ऐसी किसी भी घटना को लेकर वायुसेना का कानून बेहद सख्त है। आपने जिस ‘टू-फिंगर टेस्ट’ का उल्लेख किया है, वह गलत रिपोर्ट है। मैं पुष्टि कर सकता हूं कि यह परीक्षण नहीं किया गया था और हम नियमों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ’

महिला की शिकायत पर आरोपी फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमितेश हरमुख को पुलिस ने 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और उस पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया था। हालांकि कोर्ट मार्शल के लिए मामले को आईएएफ को सौंपा गया।

वहीं, आईएएफ ने अधिकार क्षेत्र का हवाला देकर आरोपी अधिकारी के मामले के स्थानांतरण की मांग भी की है। मालूम हो कि बीते गुरुवार को राष्ट्रीय महिला आयोग ने बयान जारी कर इस मामले को भारतीय वायुसेना के समक्ष उठाते हुए कहा था कि यह अत्यंत निराशाजनक है।

बता दें कि तमिलनाडु पुलिस ने वायुसेना अकादमी में 10 सितंबर को 28 वर्षीय महिला अधिकारी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट अमितेश हरमुख को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया कि तमिलनाडु के कोयंबटूर में रेडफील्डस स्थित वायुसेना प्रशासनिक कॉलेज में प्रशिक्षण ले रहे छत्तीसगढ़ निवासी अमितेश पर एक महिला सहकर्मी ने रेप का आरोप लगाया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, वायुसेना के अधिकारियों द्वारा अमितेश पर कार्रवाई करने में कथित तौर पर विफल रहने के बाद महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई थी।

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