पुलिस हिरासत में एक व्यक्ति की मौत से मोथाबाड़ी इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान विजय मंडल (45) के रूप में हुई है। परिवार का आरोप है कि दो सिविक वॉलंटियर की पिटाई से विजयबाबू की मृत्यु हुई है ।

पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है. उनका दावा है कि विजयबाबू को स्थानीय लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला था. उसे बचाने के लिए सिविक वॉलंटियर मौके पर पहुंचे।

घटना कालियाचक-2 प्रखंड के रथबारी ग्राम पंचायत के कागमारी इलाके की है. आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात सिविक वॉलंटियर विजय मंडल को पहले पुलिस कैंप ले गए जहां उसकी पिटाई की गई और फिर पुलिस कैंप से मोथाबारी थाने के अंदर ले जाया गया.

इस बीच जब विजय मंडल की हालत बिगड़ी तो मोथाबाड़ी थाने की पुलिस ने उसे मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया. किसी ने परिवार को सूचित नहीं किया.

इसी बीच सोमवार सुबह परिजनों को पता चला कि विजय मंडल की मौत हो गई है. खबर सुनते ही परिजन मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पोस्टमॉर्टम रूम में पहुंचे तो देखा कि विजय मंडल का चेहरा तथा हाथ-पैर से सूज गया था.परिजनों का कहना है कि उसे पुलिस ने पीट-पीट कर मार डाला।

उनहोंने कहा कि हम मोथा बाड़ी थाने की पुलिस के खिलाफ जिला पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराएंगे और माननीय मुख्यमंत्री को भी सूचित करेंगे और यदि आवश्यक हो तो हम उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे।

हम आरोपी पुलिस कर्मियों को दंडित करना चाहते हैं। इस बीच मोथाबाड़ी थाने के ओसी मृणाल चटर्जी ने कहा कि पुलिस की पिटाई का आरोप पूरी तरह से निराधार है.

आरोपी विजय मंडल शराब पीकर अपने घर में घुसा था और अपनी पत्नी को पीट रहा था. जब उसके बेटे ने पुलिस को सूचना दी तो पुलिस उसे लेने गई. पुलिस ने पड़ोसियों के हाथ से विजय मंडल को छुड़ाया और मोथाबारी थाने ले आई. उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया. बाद में उसकी मौत हो गई.

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