छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय कानपुर में स्वस्तिक प्रोविजन स्टोर के नाम से घरेलू सामान की दुकान चलाने वाली महिला का आरोप है कि उसको आवंटित दुकान को कुलपति के इशारे पर बिना कारण बताए कुलसचिव द्वारा तीन दिन में खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया और दुकान खाली करने में असमर्थता जताने पर दुकान पर विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जबरन ताला डाल दिया गया है जिससे उसके परिवार के सामने भुखमरी के हालात हो गए है पीड़िता ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को शिकायत करके न्याय की लगाई है।

रविवार को अशोक नगर स्थित कानपुर जर्नलिस्ट क्लब में छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय में स्वस्तिक प्रोविजन स्टोर के नाम से घरेलू सामान की दुकान चलाने वाली स्नेहलता तिवारी ने पत्रकार वार्ता में बताया की कोरोना कॉल में जब पूरे देश मे लॉकडाउन का समय चल रहा था बाजारों में घरेलू सामान मिलना भी बड़ा मुश्किल था तब CSJM विश्वविद्यालय की तत्कालीन कुलपति डॉ नीलिमा गुप्ता ने उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में बनी शापिंग काम्प्लेक्स में भूतल में एक दुकान किराये पर आवंटित की थी जिसका उद्घाटन भी तत्कालीन कुलपति द्वारा किया था, स्नेहलता ने बताया कि उसने दुकान खोलने के लिए अपनी जीवन भर की पूँजी और बैंक से 12 लाख रुपये लोन लेकर समान भरकर दुकान शुरू की लेकिन कोरोना कॉल में खर्चे निकलना मुश्किल थे अभी 2 महीने से कुछ दुकान चली थी की मौजूदा कुलपति विनय पाठक द्वारा पूरा शापिंग काम्प्लेक्स किसी अपने आदमी को देने के लिए दुकान को खाली करने का तालीबानी फरमान सुना दिया, दुकान का समान और लोन की दुहाई देकर जीवन यापन करने के लिए दुकान चलाये जाने का आग्रह करने पर 20 सितम्बर को जबरन दुकान में ताला डलवाकर सील कर दिया। जिसके बाद से पीड़िता दर दर भटक रही है लेकिन कुलपति और विश्वविद्यालय प्रशासन कोई सुनवाई करने को तैयार नही है।

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