असलम खान झांसी
मौसम के साथ बढ़ रहे वायरल बुखार के कुछ मरीजों के उपचार में प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ रही है, इसके लिए जनपद स्तर पर हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ॰ अनिल कुमार ने सभी जनपद वासियों से आगे बढ़कर प्लेटलेट्स का दान करने की अपील की हैं। प्लेटलेट्स के संदर्भ में उनका कहना है कि प्लेटलेट्स बनाया नहीं जा सकता, यह सिर्फ डोनेट ही किया जा सकता है। ऐसे में यदि किसी जरूरतमंद को प्लेटलेट्स की जरूरत पड़े, इसके लिए लोगों को आगे बढ़कर प्लेटलेट्स डोनेट करना चाहिए।

जनपद में सक्रिय रूप से लोगों को खून और प्लेटलेट्स मुहैया कराने में कार्यरत विंग्स रेड ग्रुप की वाइस प्रेसीडेंट शैफ़ाली और प्रथम पहल के संस्थापक विकल्प जैन बताते है कि जनपद में 5-6 ग्रुप ब्लड और प्लाज़्मा डोनेशन पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, इनके माध्यम से सितंबर से अब तक लगभग 50 से अधिक लोगों को प्लेटलेट्स मुहैया करायी गयी हैं। इनके पास 700 से अधिक नियमित डोनर है, जो समय- समय पर दान करते रहते हैं। मदद के लिए 7905994344 व 9412230450 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।

क्या है प्लेटलेट्स

प्लेटलेट्स वो ब्लड सेल्स होते हैं जो थक्के बनाते हैं और खून बहने को रोकते हैं।प्लेटलेट्स हमारे बोन मैरो में बनते हैं। बोन मैरो में स्टेम सेल्स होते हैं जो रेड ब्लड सेल्स, व्हाइट ब्लड सेल्स और प्लेटलेट्स के तौर पर विकसित होते हैं। शरीर में प्लेटलेट्स कम होने की वजह से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ जाता है।

कैसे दान की जाती है प्लेटलेट्स

खून से प्रयोगशाला में डॉक्टर की देख रेख में प्लेटलेट्स को अलग किया जाता है| इसको उपचाराधीन व्यक्ति को दिया जाता है। यह उपचाराधीन व्यक्ति के शरीर में पहुँच कर रोग से लड़ने में मदद करता है और प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

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