नयी दिल्ली, पांच अक्टूबर (भाषा) पुणे की एक विशेष अदालत ने 300 करोड़ रुपये के बैंक धोधाखड़ी मामले में चार लोगों को जेल की सजा सुनाई और दो कंपनियों वेरन एल्युमिनियम प्राइवेट लिमिटेड ओर वेरन ऑटो कंपनी प्राइवेट लिमिटेड पर एक-एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। अधिकारियों ने बताया कि यह मामला कैनरा बैंक की तरफ से जारी ऋण पत्र पर बैंक ऑफ इंडिया से 246 फर्जी बिल के माध्यम से 300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने बताया कि अदालत ने महाराष्ट्र के पुणे में डेक्कन जिमखाना शाखा में पदस्थ कैनरा बैंक के तत्कालीन मुख्य प्रबंधक एस. आर. हेगड़े को पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई और उन पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

कंपनियों के तत्कालीन अकाउंट सहायक गणेश कोल्हे को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई और डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

सीबीआई के प्रवक्ता आर. सी.जोशी ने यहां बयान जारी कर बताया कि अन्य अकाउंट सहायक गणेश गायकवाड़ और रत्न मेटल मार्ट के मालिक मनोज एस. रवि को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा दी गई और उन पर एक- एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

उन्होंने बताया, ‘‘अदालत ने वेरन एल्युमिनियम प्राइवेट लिमिटेड, पुणे और वेरन ऑटो कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, पुणे पर एक- एक करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।’’

जोशी ने कहा कि दोनों कंपनियों के निदेशक सहित तीन आरोपियों की इस दौरान मौत हो गई जिसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई।

बैंक ऑफ इंडिया द्वारा मामले में प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के पांच वर्षों के अंदर यह फैसला आया है।

Share.

Comments are closed.