छतरपुर। उप्र के लखीमपुर में कथित रूप से केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री के पुत्र द्वारा किए गए उपद्रव के कारण हुई किसानों की मौत के मामले में कांग्रेस हमलावर है। इस मामले में प्रियंका गांधी को पीडि़त किसानों ने नहीं मिलने दिए जाने के कारण सोमवार को देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए।

छतरपुर में युवक कांग्रेस के द्वारा किए गए एक ऐसे ही विरोध प्रदर्शन के कारण पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी झड़प हो गयी।
दरअसल कांग्रेस नेता उप्र के हालातों पर योगी सरकार को कोसते हुए छत्रसाल चौक पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला फूंक रहे थे। युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लोकेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन के दौरान यहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

कांग्रेस नेता नारेबाजी करते हुए कांग्रेस कार्यालय से छत्रसाल चौक पहुंचे और यहां जैसे ही पुतले में आग लगायी गई पुलिस ने कांग्रेस नेताओं से पुतला छीनने की कोशिश करते हुए उसे बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। इसी दौरान कांग्रेस नेताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी।

कोतवाली टीआई संजय बेदिया और उनके कुछ सिपाहियों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर हल्के बल प्रयोग शुरू कर दिए जिससे नेता और भड़क उठे।

पुतला दहन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भाजपा पर तानाशाही के आरोप लगाए गए।
इस दौरान प्रमुख रूप से सेवादल की बुंदेलखंड प्रभारी दीप्ति पाण्डे, नाजिम चौधरी, अरुणोदय परमार, शिवानी चौरसिया, प्रियंका अग्रवाल,

अभिषेक सोनी, महेश पटेल, पुष्पेंद्र कुशवाहा, मोनू, अंजार, हनीफ नितिन तिवारी, अनुज द्विवेदी, गोपाल अग्रवाल, सुमित चौरसिया, लक्ष्मन अहिरवार, बंटे खान, भोला अहिरवार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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