यागराज – अधिवक्ता मंच ने लखीमपुर में मारे गए किसानों के परस्ती सम्वेदना व्यक्त की और मुख्य न्यायाधीश से स्वतः संज्ञान लेकर घटना की न्यायिक जांच सुनिश्चजित करने की मांग की। .. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे और समर्थकों द्वारा किसानों के

ऊपर तेज रफ्तार से कार चढ़ाकर किसानों की निर्मम हत्या किये जाने के ख़िलाफ़ अधिवक्ता मंच, इलाहाबाद की ओर से हाई कोर्ट स्थित बाबा भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश सरकार का पुतला दहन किया। लखीमपुर खीरी में किसान

सरकर के कार्यक्रम के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर काला झंडा दिखाने के लिए इकट्ठा हुए थे जब वे वापस लौट रहे थे तो मंत्री के लड़के और समर्थकों द्वारा गाड़ियों से कुचलकर और गोलियों चलाकर कई किसानों की हत्या कर दी। इससे पहले मंत्री पिता ने किसानों को खदेड़ने की धमकी दिया था। लगातार किसान अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे है किंतु सरकार उनकी बातें सुनने की

जगह उल्टे किसानों को बदनाम करने की कोशिश करती रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पहले पुलिस से पिटवाकर हत्या करने की जगह अब भारतीय जनता पार्टी ने अपने गुण्डों को किसानों के ऊपर हमले करने के लिए खुला

छोड़ दिया है। लखीमपुर की हस्तन सभ्य समाज और कानून के शासन और लोकतंत्र के लिए कला धब्बा है। यह घटना साबित करती है कि भाजपा का लोकतंत्र में कोई विस्वास नही है और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग खुद हिंसा और हत्या को प्रयोत्सहं करते हैं। उस पर दैनिक जागरण जैसे सत्ता के चाटुकार अखबार के द्वारा तथ्यों से परे जाकर किसानों को उपद्रवी बताने की खबर पत्रकारिता के लिए कलंक है।

सरकार गोदी मीडिया नौकरशाही उद्योगपतियों के खतरनाक गठजोड़ से चल रही है जो देश और लोकतंत्र के लिए घातक है। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने मंत्री पुत्र और उसके समर्थकों पर हत्या और मंत्री पर हत्या के षड्यंत्र का मुकदमा दर्ज करने और मंत्री को तुरंत मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की। वक्ताओं ने न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने और मरे गए किसानों के

परिवार और घायल किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग की। विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों के खिलाफ लगातार गलत रिपोर्टिंग करने के लिए दैनिक जागरण अखबार की प्रतियां जलाकर उसका बहिष्कार करने की अपील की गयी। पुतले को वरिष्ठ अधिवक्ता के0के0राय ने आग लगाया। सभा का संचालन अधिवक्ता मंच के सह संयोजक मो0सईद सिद्दीकी ने किया। सभा को अधिवक्ता अवधेश राय, इन्द्रसेन सिंह,

अनुज गौतम, पूर्व अपर महाधिवक्ता कमरुल हसन सिद्दीक़ी, विजय सिंह, जीत बहादुर गौतम, राकेश प्रसाद, महा प्रसाद, सीमा आज़ाद, बी. एन. पाण्डेय, एस. बी.सरोज,अशोक कुमार यादव, घनश्याम मौर्य, धीरेंद्र तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ता जावेद मोहम्मद, मंच के संयोजक राजवेन्द्र

सिंह आदि ने संबोधित किया और शहर के जानेमाने कवि अंशु मालवीय ने किसान आंदोलन के ऊपर रची अपनी कविता का पाठ किया। इसके बाद सभी ने मारे गए किसानों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए एक मिनेट का मौन रखा। इस दौरान राजीव कुमार, नीतीश कुमार यादव, प्रमोद कुमार, हरिशंकर, विकास मौर्य, सतीश, रमेश यादव, जैनेन्द्र बघेल, सरताज सिद्दीकी, आकिब अख़्तर खान, अकील,

ऐनुल हक़, मो0इमरान, वहाज़ अहमद, जिया उल हुदा, विश्वविजय,जीशान सिद्दीक़ी विनोद कुमार, संजय प्रजापति, रिपुसूदन यादव, आदि सैकड़ों अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस दौरान तानाशाह सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए।

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