उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी कांड को लेकर सियासी संग्राम जोरों पर है। लखनऊ से लखीमपुर और पटना से पंजाब तक सभी जगह इस घटना की चर्चा है। राजनीतिक दलों ने इस घटना को लेकर भाजपा और यूपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
किसान आंदोलन का समर्थन करने वाले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेड) के नेता तेजस्वी यादव ने लखीमपुर खीरी की घटना पर सोमवार को कहा कि लोग चाहते हैं कि पीड़ितों को न्याय मिले, लेकिन भाजपा के मंत्री का बेटा होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उत्तर प्रदेश में पूरी तरह से गुंडा राज कायम हो चुका है।

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी जिले में रविवार को उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के पैतृक गांव में आयोजित किए जा रहे एक कार्यक्रम में शिरकत करने के विरोध में भड़की हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई। आरोप है कि अजय मिश्रा के बेटे आशीष ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी मौत हुई। इस मामले में आशीष समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। घटना में अभी तक किसी भी पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

हालात बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। जिले में इंटरनेट सेवाओं को बाधित कर दिया गया है। स्कूलों में आज छुट्टी की घोषणा की गई है, जिले की सीमाओं को सील कर दिया गया है।
इस घटना के बाद नए कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों में भारी रोष है। हालात को देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर समेत दिल्ली के बॉर्डरों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
किसान नेता राकेश टिकैत ने आज लखीमपुर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और सूबे के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार और अन्य आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक में टिकैत ने पांच मांगें रखीं, जिसमें मृतक किसानों के परिजनों को एक-एक करोड़ का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, घटना की न्यायिक जांच, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री का इस्तीफा अजय मिश्र टेनी का इस्तीफा और दोषियों को सख्त सजा शामिल है।

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