बहराइच जिले के प्रतापपुर तरहर के गन्ना किसानों ने साधन सहकारी समिति के सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में गन्ना किसानों ने कहा है कि उन्हें गन्ना आपूर्ति की अनुमति बजाज चीनी मिल कुंदरखी गोंडा से हटाकर मैजापुर चीनी मिल में करने की अनुमति दी जाए. इसके लिए गन्ना किसानों ने विभिन्न प्रकार के तर्क दिए हैं।

गन्ना किसानों ने कहा है कि बजाज चीनी मिल की दूरी गोंडा रेलवे ब्रिज निर्माणाधीन होने के कारण 100 किलोमीटर हो गई है. इस चीनी मिल की ओर से गन्ना मूल्य का भुगतान 14 दिसंबर तक हुआ है चीनी मिल की दूरी तय करने में पयागपुर विषेशरगंज आर्य नगर कटरा बाजार चौरी चौराहा बालपुर और गोंडा जैसे घनी आबादी वाले शहर रास्ते में पढ़ रहे हैं. गन्ने से भरी ट्रैक्टर ट्राली ऐसे राजमार्गों पर लेकर चलने में हादसे का भी खतरा बना रहता है.

ज्ञापन में गन्ना किसानों ने कहा है कि यदि किसी कारणवश किसान अपना गन्ना उक्त चीनी मिल के क्रय केंद्र पर भेजना भी चाहे तो चीनी मिल के स्थानीय कर्मचारी एवं वहां पर परिवहन व्यवस्था में लगे परिवहन करता व बिचौलियों गन्ना किसानों से लड़ाई झगड़ा करते हैं और हम जैसे किसानों को अपना सट्टा मिलगेट का करा लिए थे. ऐसी दशा में हम किसानों का गन्ना क्रय केंद्र पर भी पाना संभव नहीं है. किसानों ने कहा कि मैजापुर चीनी मिल की दूरी 28 किलोमीटर है. जिसका सत्यापन समिति द्वारा कराया जा चुका है.

इस चीनी मिल के द्वारा पिछले पेराई सत्र का भुगतान शत-प्रतिशत किया जा चुका है. इस चीनी मिल के द्वारा वर्ष 2016-17 17 18 में गन्ने की खरीदी की जा चुकी है. जिसमें लिंक रोड से चीनी मिल को गन्ना ट्राली वालों से सुगमता पूर्वक जा चुका है. किसानों को पिछले 2 वर्षों से अपने गन्ने के लिए मैजापुर चीनी मिल को आपूर्ति करने के लिए अनुरोध तथा व्यक्तिगत मुलाकात की गई तो सचिव द्वारा बताया गया कि चीनी मिल द्वारा कोई मांग नहीं की गई है. परंतु बार-बार चीनी मिल की ओर से गन्ना की मांग की जा रही है. ऐसे में हम गन्ना किसानों को चीनी मिल मैजापुर चीनी मिल गन्ना आपूर्ति करने की अनुमति दी जाए ज्ञापन सौंपने वाले किसानों में त्रिलोकी चौबे, विष्णु दयाल चौबे, जितेंद्र चौबे दयाराम तिवारी, सुदर्शन, लख राज विनोद कुमार पांडे राघव राम शैलेश्वर चौबे विनोद कुमार अमरेंद्र कुमार सहित अनेक किसान शामिल रहे।

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