उत्तरा प्रदेश के कौशाम्बी में फर्जी डिग्री लगाकर शिक्षामित्र की नौकरी करने का आरोप विनोद कुमार द्विवेदी पर लगा है। जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से किया है। मामला मूरतगंज ब्लाक के काजू ग्राम सभा का है।

विनोद कुमार दुबे पर जिले के मूरतगंज ब्लॉक के काजू ग्राम सभा में फर्जी डिग्री लगाकर शिक्षामित्र की नौकरी हासिल करने का आरोप है । बताया गया जाता है काजू गांव के टीका का पूरा प्राथमिक विद्यालय में तैनात है शिक्षा मित्र, द्वारा लगाए गए शैक्षणिक दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा अथवा नकली हैं । इस मामले मे बीएसए और जिलाधिकारी से ग्रामीणों ने शिकायत की है ।

क्या है पूरा मामला ?

प्राथमिक विद्यालय टीका का पूरा विकासखंड मूरतगंज, कौशाम्बी, उत्तर प्रदेश हेतु शिक्षामित्र चयन प्रस्ताव की वरीयता सूची जुलाई सन 2008 में ग्राम शिक्षा समिति द्वारा बनाई गई। जिसमें विनोद कुमार दुबे पुत्र श्री सुरेश द्विवेदी को पात्रता में सबसे शीर्ष (नंबर 01) दिखाकर चयन हुआ। जिसमें विनोद कुमार दुबे ने पात्रता सूची में हाई स्कूल में 72.16% दिखाया है और इंटर में 70.18% दिखाया है।

जबकि 1997 में विनोद कुमार दुबे पुत्र सुरेश चंद्र द्विवेदी ने हाई स्कूल आदर्श ग्राम सभा इंटर कॉलेज चरवा से 1997 में सेकंड डिवीज़न (SECOND DIVISION ) पास किया है जिसका रोल नंबर 08954182 है। जबकि उसी स्कूल आदर्श ग्राम सभा इंटर कॉलेज चरवा से 1999 में इंटरमीडिएट पास जिसका रोल नंबर 0548465 है।

ग्राम शिक्षा समिति द्वारा बनाई गई सूची

चयन में लगाए दुसरे कथित फर्जी डॉक्यूमेंट :

वंही शिक्षा मित्र के चयन हेतु विनोद कुमार दुबे पुत्र सुरेश चंद्र द्विवेदी ने दिखाया है कि 1997 में हाई स्कूल और 1999 में इंटरमीडिएट RN मालवीय इंटर कॉलेज कड़ा कौशाम्बी द्वारा पास किया है जो कथित नकली दस्तावेज है।

उठते सवाल :

  • एक वर्ष में दो जगह से विनोद कुमार ने कैसे पास किया ?
  • विनोद कुमार दुबे के शैक्षणिक डॉक्यूमेंट को प्रमाणित किसने किया ?
  • उस समय में समिति में कौन थे?
  • जब सब कुछ सामने है तो कार्यवाही क्यों नहीं ?

चयन के समय आरोपी विनोद कुमार दुबे के पिता सुरेश चंद्र द्विवेदी स्वयं थे स्कूल प्रभारी :

ग्रामीणों ने बीएसए और जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए बताया है कथित नकली प्रमाण पत्र अंक पत्र लगाकर अपना अंक बढ़ाया गया है। जो एक अपराध की श्रेणी और धोखाधड़ी में आता है क्योंकि सुरेश चंद्र द्विवेदी स्वयं स्कूल प्रभारी थे इस वजह से उन्होंने अपने पुत्र विनोद कुमार दुबे के हित में इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया है।

यूपी में बढ़ता शिक्षा में फर्जीवाड़ा

उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़ा के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहे है। अभी कुछ माह पहले जून में ही रिपोर्ट आयी थी जिसमे यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में कार्यरत 2413 शिक्षक फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करते मिले हैं। विभाग ने पिछले तीन साल में इन 2413 शिक्षकों को चिन्हित किया है। इनमे से फर्जी दस्तावेजों से नौकरी करने वाले 2336 शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ ही करीब 1883 के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी गयी है।

रिपोर्ट : अमर नाथ झा

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