हमीरपुर -22 सितम्बर

एक तरफ सरकार गांव के विकास के लिए लाखों रु भेज रही है ताकि गांव की दशा सुधारी जा सके।ग्राम प्रधान ग्राम पंचायत खाते में पड़े धन

का दुरुपयोग न कर सकें उसकी देखरेख के लिए बकायदा ग्राम पंचायत अधिकारी(सचिव)को लगाया जाता है मगर जब ग्राम पंचायत सचिव ही

ग्रामपंचायत निधि में डाँका डाल ले तो फिर क्या? ग्राम प्रधान से आप किस प्रकार की उम्मीद कर सकते हैं।

ग्राम निधि से फर्जी धन निकालने का खेल एक सचिव ने जब खेला जब ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो गया है और ग्रामनिधि की देखरेख

की पूरी की जिम्मेदारी प्रशासक के हवाले कर दी गई थी तब सचिव साहब ने ग्रामनिधि से ग्रामीणों को पैनकार्ड बनवाने के नाम पर 19500 रू

निकाल लिए और एक भी व्यक्ति के पैनकार्ड नहीं बनवाए।

मामला जनपद हमीरपुर के मुस्करा ब्लाक अन्तर्गत आने वाले ग्राम भुजपर का है जहाँ पर सचिव जयराम कुशवाहा ने 6 सितम्बर 2020 को

ग्रामनिधि खातें से 19500 रू ग्रामीणों को पैनकार्ड बनवाने के नाम पर निकाल लिए ।जब ग्रामीणों से इस सम्बंध में पूछा गया तो ग्रामीणों ने

बताया कि ग्राम पंचायत के द्वारा किसी भी ग्रामीण का एक भी पैनकार्ड नहीं बनवाया गया है।सभी ग्रामीणों ने अपने अपने रूपयों से पैनकार्ड

बनवाये है।ग्रामीणों ने बताया कि अगर सचिव ने पैनकार्ड के नाम पर पैसे निकाले है तो वो फर्जी है।सचिव उपरोक्त सारे रू पैनकार्ड के नाम

पर डकार गया है।ग्रामीणों ने ग्रामनिधि से धन निकालकर सरकारी धन को दुरुपयोग करने के लिए ग्राम सचिव जयराम कुशवाहा पर कार्यवाही

की माँग की है।

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