नई दिल्ली: बीते शुक्रवार को जहां कांग्रेस आलाकमान पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी में लगा हुआ था तो वहीं राजस्थान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट राहुल गांधी से मुलाकात कर रहे थे.

बता दें कि, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच जारी घमासान को खत्म करते हुए कांग्रेस आलाकमान ने सिंह का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा ले लिया और एक दलित चेहरे चरणजीत सिंह चन्नी को नया मुख्यमंत्री बना दिया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ समय से राजस्थान की कांग्रेस सरकार में नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा लगातार उठता रहा है और इस मुलाकात में दोनों नेताओं राज्य में राजनीतिक स्थिति के साथ ही इस मुद्दे पर भी चर्चा की.

राजस्थान प्रभारी अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव अजय माकन ने कई दफा प्रदेश का दौरा करके सभी विधायकों की राय ली है.

पायलट पार्टी आलाकमान के सामने लगातार मांग रखते रहे हैं कि मंत्रिमंडल में फेरबदल किया जाए, उनके खेमे के कुछ विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाए और राज्य के विभिन्न बोर्ड्स और कॉरपोरेशंस में राजनीतिक नियुक्तियां हों.

माकन के ताबड़तोड़ दौरों के बावजूद फेरबदल संभव नहीं हो सका. सूत्रों ने कहा है कि पायलट को एक बार फिर से आश्वासन दिया गया है कि फेरबदल जल्द होगा.

पंजाब में पार्टी आलाकमान के निर्णायक दखल और अमरिंदर सिंह को बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद राजस्थान के भी कांग्रेस नेताओं में भी आलाकमान से निर्णायक दखल की उम्मीद जगी है.

हालांकि, एआईसीसी के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ के हालात पंजा्ब से अलग हैं.

दरअसल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को बहुमत विधायकों का समर्थन हासिल है. जबकि उनके विरोधी खेमों का मानना है कि केंद्रीय नेतृत्व दखल देकर दोनों पर दबाव डाले और उन्हें पद छोड़ने के लिए कहे.

फिलहाल, गहलोत ने मंत्रिमंडल में फेरबदल के मुद्दे पर किसी भी तरह के दबाव में आने से साफ इनकार कर दिया है.

इस बीच, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव व्यक्तिगत यात्रा की बात कहते हुए एक बार फिर दिल्ली पहुंचे हैं.

सिंहदेव उम्मीद कर रहे हैं कि 2018 के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत से मिली जीत के बाद किए गए वादे को पूरा किया जाए और ढाई साल के फॉर्मूले को लागू करते हुए अब सत्ता की कमान उनके हाथों में सौंप दी जाए.

कांग्रेस के सूत्रों का भी कहना है कि मुख्यमंत्री को बदलने के मुद्दे का अभी पटाक्षेप नहीं हुआ है.

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