चरणजीत सिंह चन्नी ने सोमवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। दलित समुदाय से आनेवाले चन्नी के मुख्यमंत्री बनने को लेकर जितनी हलचल पंजाब में है, उतनी ही हलचल उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रही है।

योगी आदित्यनाथ ने चन्नी के मुख्यमंत्री बनाए जाने के दौरान ही दलितों के समाज में योगदान को लेकर कई ट्वीट किए। उन्होंने अनुसूचित जाति को समाज की नींव बताया जिस जिसके बाद अब सोशल मीडिया पर लोगो अपनी प्रतक्रिया देना शुरू कर दिया है।

इस पर पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा है कि भाजपा दलित विरोधी है।

अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उन्होंने योगी आदित्यनाथ का ट्वीट रीट्वीट किया जिसमें लिखा था, ‘आप सभी याद रखना, अनुसूचित जाति समाज की नींव है। नींव दिखती नहीं किंतु भवन उसी पर खड़ा होता है। भवन की मजबूती उसी पर निर्भर करती है। ओबीसी, दलित को नींव में ही रखो, खुद उन पर राज करो, वाह योगी जी वाह।’

मंदिर की नींव में सोना,चांदी लगाओ और सत्ता की नींव में गाड़ दो गरीब, OBC व दलित को

अपने एक और ट्वीट में रिटायर्ड आईएएस लिखते हैं, ‘मंदिर की नींव में सोना,चांदी लगाओ और सत्ता की नींव में गाड़ दो गरीब, OBC व दलित को। आप खुद क्यों नहीं लेट जाते नींव में, कुर्सी छोड़ दो गरीब को?’

योगी आदित्यनाथ के इस ट्वीट पर समाजवादी पार्टी नेता आईपी सिंह की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘भाजपा ने 2017 में वोट दलित, शोषित, वंचित और पिछड़ों के नाम पर लिया और पहाड़ी ठाकुर साहब का नाम बदलकर सीएम बना। अब जनता 2022 में सीएम बनाने वालों से सवाल पूछेगी।’

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बी वी ने भी इस मसले पर अपनी टिप्पणी दी है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘एक दलित ‘मुख्यमंत्री’ कैसे बन गया! ये बात न दलितों की तथाकथित नेता ‘मायावती’ को रास आ रही है और न ही दलितों के पांव धोने की नौटंकी करने वाले मोदी जी की भाजपा को.. अगर यही कदम भाजपा ने उठाया होता (जो कभी नही हुआ) तो दिन रात ‘मोदी-मीडिया’ पर जयकारे लग रहे होते…।’

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