लगातार बारिश होने से दीवाल गिरी भरवारा कर,अभी तकसरकारी अमला का कोई भी कर्मचारी नहीं पहुंचा घटना स्थल पर,लेखपाल की कार्यशैली पर उठ रहे गंभीर सवाल!

लेखपाल का कार्य करने का गांव वालों के प्रति खराब रवैया आया सामने,मृतक के परिवार वाले लेखपाल को फोन करके घटना स्थल पर बुलाते रहे लेखपाल नहीं पहुंचे घटनास्थल पर
ऊपर से पीड़ित परिवार वालों को लेखपाल ने फोन पर डाली नसीहत
पीड़ित परिवार व प्रधान प्रतिनिधि ने लेखपाल के ऊपर लगाए गंभीर आरोप!

लेखपाल आलोक के बिगड़े बोल, नही जाते प्रधान व ग्रामवासियों के पास, औरैया में बैठ कर ही लगाते हैं, कोई भी रिपोर्ट, कई बार कॉल करने पर कॉल को रिसीव नही करते, आय, जाति व मूलनिवास के नाम पर लेते हैं200,300,500 रुपये, इनके बिना नही करते कोई काम जब पत्रकार की टीम के एक साथी ने बात की तो दबंगई से आदि अधूरी बात करके फोन काट दिया,

मामला 16 सितम्बर 2021 को दिन में अधिक बारिश के कारण एक पतली गली से गुजरने वाले रघुवर दयाल 45 वर्षीय की मृत्यु दीवाल से दब कर हो गयी थी,जिनके पत्नी, 5लड़के व 2 लड़कियां है,इस घटना की सूचना आलोक लेखपाल को देनी चाही तो इन्होंने 3 बार की गई कॉल को रिसीव नही किया, और न ही आज तक मौके पर पहुँच कर घटना की जाँच की,

जब इनके पास प्रधान प्रतिनिधि खुद गए तो बोले मर गए तो अब हम क्या करें, ऐसे अधिकारी कर्मचारी योगी सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं, समय के रहते ऐसे अधिकारियों पर जांच कराकर सख्त कार्यवाही न की गई, तो 2022 में होने वाले चुनाव की परिणाम बीजेपी सरकार के बिगड़ सकते है!

यह मामला कोतवालीऔरैया क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत बाकरपुर /बौहरा से निकल कर आई है जहां पर रघुवर दयाल पुत्र बिंद्रावन उम्र 45 वर्ष दीवाल में दबकर मौत हो गई है!

प्रधान प्रतिनिधि गुलाब सिंह व मृतक के पुत्रों ने लेखपाल आलोक पांडे को घटना की सूचना फोन द्वारा कई बार दी लेकिन लेखपाल न तो घटनास्थल पर जांच करने पहुंचे और ना ही किसी कार्रवाई करने में सहयोग किया लेखपाल की कार्यशैली पर ग्रामीणों ने काफी नाराजगी व्यक्त की है!

लेखपाल की भाषा शैली जनता के प्रति अच्छी नहीं बताई जा रही है अक्सर अभद्र भाषा का प्रयोग करते है!

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