रामपुर। (अरविन्द कुमार) मुहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी गेट प्रकरण में रामपुर सांसद आजम खां का जौहर ट्रस्ट 50 लाख रुपये जुर्माना जमा करेगा। आजम खां इस यूनिवर्सिटी के संस्थापक होने के साथ ही कुलाधिपति भी हैं और ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। उप जिलाधिकारी सदर ने यूनिवर्सिटी के गेट को सरकारी जमीन पर मानते हुए तोड़ने के आदेश दिए थे। इसके खिलाफ जौहर ट्रस्ट ने जिला जज की अदालत में वाद दायर किया था।

जिला जज ने उप जिलाधिकारी के आदेश को सही माना था, लेकिन जुर्माने की राशि कम कर दी थी। उन्होंने जुर्माने की राशि 1.63 करोड़ रखी थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने गेट तोड़ने के संबंध में जौहर ट्रस्ट को नोटिस जारी किया। इसके विरोध में जौहर ट्रस्ट हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने गेट तोड़ने के आदेश पर रोक लगा दी, लेकिन जुर्माने की तिहाई राशि जमा करने को कहा। अब जौहर ट्रस्ट की ओर से उनके अधिवक्ता ने उप जिलाधिकारी की अदालत में जुर्माने की राशि 49.14 लाख रुपये जमा करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया है। जिला शासकीय अधिवक्ता अजय तिवारी ने बताया कि प्रार्थना पत्र उप जिलाधिकारी के यहां दिया गया है।

एसडीएम कोर्ट ने दो साल पहले दिए थे जौहर विवि का गेट तोड़ने के आदेशः एसडीएम कोर्ट ने करीब दो साल पहले जौहर यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट को तोड़ने के आदेश दिए थे। इसके लिए 15 दिन की मोहलत दी थी। मामले में क्षतिपूर्ति के तौर पर भी धनराशि जमा करने के आदेश आदेश एसडीएम कोर्ट ने दिए थे। एसडीएम कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट मामला पहुंचा, जहां से भी राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। हाईकोर्ट ने गेट तोड़ने के आदेश पर रोक लगा दी है । साथ ही जुर्माने की धनराशि 1.63 करोड़ रुपये की एक तिहाई धनराशि जमा करने को कहा है।

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