कोलकाता, 16 सितंबर । पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्से में कोरोनावायरस की तीसरी लहर के संदिग्ध संक्रमण के बीच उससे मिलते जुलते

लक्षणों के साथ बीमार बच्चों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने गुरुवार को बताया है कि राज्य के विभिन्न

अस्पतालों में इलाजरत बच्चों की संख्या बढ़कर 1100 से अधिक हो गई है। इससे उत्तर बंगाल के जिलों में दहशत का माहौल है। उत्तर बंगाल

के जन स्वास्थ्य अधिकारी सुशांत रॉय ने बीमार बच्चों की सूची जारी की है। अकेले जलपाईगुड़ी जिला सदर अस्पताल में बुधवार सुबह 10:00

बजे से गुरुवार सुबह तक 32 बच्चों को बुखार सर्दी खांसी और सांस लेने में तकलीफ दैसे लक्षणों के साथ भर्ती किया गया है। केवल इस

अस्पताल में 105 बच्चे भर्ती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोरोना की तीसरी लहर का प्रकोप है। हालांकि राज्य स्वास्थ्य विभाग में अभी

तक इसकी पुष्टि नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया है कि 15 सितंबर तक केवल जिला अस्पताल में भर्ती बच्चों की संख्या 92 थी और

24 घंटे में एक 32 बच्चों को भर्ती कराया गया है। इधर राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित पांच सदस्यीय चिकित्सकीय टीम सोमवार को

जिला अस्पताल पहुंची थी जिन्होंने इस वायरल संक्रमण के कारणों के बारे में पता लगाना शुरू कर दिया है। चार बच्चों के पहले ही मौत हो

चुकी है। मायनागुरी अस्पताल में मंगलवार की सुबह छह महीने के बच्चे की मौत हुई थी जबकि 70 बच्चे मालबाजार के अस्पताल में भर्ती हैं।

कलिमपोंग, कूचबिहार और दार्जिलिंग में भी लगातार इस तरह के लक्षणों से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है जो चिंता बढ़ा रही है।

उल्लेखनीय है कि विशेषज्ञों ने पहले ही आशंका जाहिर की है कि कोरोना की तीसरी लहर सबसे अधिक बच्चों पर प्रभावी होगी। इस बीच बंगाल

में हजारों बच्चों का संक्रमित होना अभिभावकों के लिए दहशत का कारण बन गया है।

Share.

Comments are closed.