गांधीनगर, 16 सितंबर गुजरात में अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने बृहस्पतिवार को नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मंत्रिपरिषद में 24 नए सदस्यों को शामिल किया। इन नए मंत्रियों में 21 पहली बार मंत्री बने हैं। नए मंत्रिपरिषद में, निवर्तमान मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के मंत्रिपरिषद के किसी सदस्य को शामिल नहीं किया गया है।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 10 कैबिनेट मंत्रियों और 14 राज्य मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिनमें पांच स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री भी शामिल हैं।

मंत्रिपरिषद में नये सदस्यों को शामिल किये जाने के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल नीत भाजपा सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़ कर 25 हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के नेतृत्व वाले पूर्ववर्ती मंत्रिपरिषद के किसी भी सदस्य को नए मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किया गया।

राजभवन में आयोजित एक समारोह में दोपहर डेढ़ बजे मंत्री पद की शपथ लेने वालों में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र त्रिवेदी और पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू वघानी शामिल हैं।

राज्य के 17वें मुख्यमंत्री के रूप में सोमवार को शपथ ग्रहण करने वाले भूपेंद्र पटेल इस दौरान रूपाणी के साथ मौजूद थे। रूपाणी के शनिवार को मुख्यमंत्री पद से अचानक इस्तीफा देने के बाद नए मंत्रिपरिषद का गठन किया गया है।

कैबिनेट मंत्रियों के रूप में शपथ लेने वालों में राजेंद्र त्रिवेदी, जीतू वघानी, ऋषिकेश पटेल, पूर्णेश मोदी, राघवजी पटेल, कनुभाई देसाई, किरीट सिंह राणा, नरेश पटेल, प्रदीप परमार और अर्जुन सिंह चौहान शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि इनमें त्रिवेदी, राणा और राघवजी पटेल पहले भी मंत्री रहे हैं।

वहीं, नौ राज्य मंत्रियों में मुकेश पटेल, निमिशा सुतार, अरविंद रैयानी, कुबेर डिंडोर, कीर्ति सिंह वाघेला, गजेंद्र सिंह परमार, आर सी मकवाना, विनोद मोरादिया और देव मालम शामिल हैं।

शपथ ग्रहण से पहले ये कयास लगाये जा रहे थे कि नितिन पटेल, भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा, कौशिक पटेल, प्रदीपसिंह जाडेजा और आर सी फल्दू जैसे रूपाणी मंत्रिपरिषद के वरिष्ठ मंत्रियों को नये मंत्रिपरिषद में शामिल नहीं किया जा सकता है।

भाजपा ने पुराने मंत्रियों को न दोहराने का फार्मूला अपनाते हुए रूपाणी मंत्रिपरिषद के किसी सदस्य को नहीं शामिल किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा नये दिखने वाले मंत्रिपरिषद के साथ 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले एक प्रभाव छोड़ना चाहती है।

पाटीदार समुदाय के नेता भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री पद के लिए चुनने के बाद भाजपा ने पटेल और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) में प्रत्येक से छह, अनुसूचित जाति से चार, अनुसूचित जनजाति से तीन, ब्राह्मण और क्षत्रिय से दो-दो तथा जैन समुदाय से एक सदस्य को मंत्री पद दिया है।

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