देश का निर्यात पिछले महीने अगस्त में 45.76 प्रतिशत बढ़कर 33.28 अरब डॉलर पर पहुंच गया। हालांकि, इस दौरान व्यापार घाटा बढ़कर 13.81 अरब डॉलर के 4 माह के उच्चस्तर पर पहुंच गया। वाणिज्य मंत्रालय के मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। मुख्य रूप से इंजीनियरिंग, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न एवं आभूषण तथा रसायन जैसे क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन की वजह से निर्यात बढ़ा है। एक साल पहले अगस्त, 2020 में निर्यात 22.83 अरब डॉलर रहा था।

अगस्त में आयात 52% बढ़ा

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2021 में आयात 51.72 प्रतिशत बढ़कर 47.09 अरब डॉलर रहा। एक साल पहले इसी महीने में यह 31.03 अरब डॉलर रहा था। इस प्रकार अगस्त 2021 में व्यापार घाटा बढ़कर 13.81 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी महीने में 8.2 अरब डॉलर रहा था। इससे पहले अप्रैल, 2021 में व्यापार घाटा 15.1 अरब डॉलर रहा था। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह अप्रैल-अगस्त, 2021 में कुल निर्यात 67.33 प्रतिशत बढ़कर 164.10 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 98.06 अरब डॉलर रहा था।

वहीं, अप्रैल-अगस्त, 2021 के दौरान आयात 219.63 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के पहले पांच माह में 121.42 अरब डॉलर रहा था। इस तरह वित्त वर्ष के पहले पांच माह में व्यापार घाटा 55.54 अरब डॉलर रहा है जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 23.35 अरब डॉलर रहा था। अगस्त में देश का कच्चे तेल का आयात 80.64 प्रतिशत बढ़कर 11.65 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वहीं इस दौरान सोने का आयात 82.48 प्रतिशत के उछाल के साथ 6.75 अरब डॉलर रहा। इंजीनियरिंग निर्यात माह के दौरान क्रमश: 59 प्रतिशत बढ़कर 9.64 अरब डॉलर रहा।

रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 88.3% बढ़ा

वहीं पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 144.6 प्रतिशत के उछाल से 4.65 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि रत्न एवं आभूषणों का निर्यात 88.3 प्रतिशत बढ़कर 3.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान रसायन निर्यात 36 प्रतिशत बढ़कर 2.23 अरब डॉलर रहा। निर्यातकों के प्रमुख संगठन फियो के पूर्व अध्यक्ष एस के सराफ ने कहा कि निर्यात वृद्धि मजबूत है और भारत चालू वित्त वर्ष में 400 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल करने की ओर अग्रसर है। फियो के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि सरकार को कंटेनरों का प्रवाह बढ़ाने के लिए कदम उठाना चाहिए। इसके अलावा ढुलाई भाड़े में वृद्धि पर एक नियामकीय प्राधिकरण गठित करने और शिपिंग लाइंस द्वारा विभिन्न शुल्क लगाने के मामले में सरकार को तत्काल हस्तक्षेप करने की जरूरत है।

उन्होंने सरकार से 31 मार्च तक निर्यात के लिए ढुलाई समर्थन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ढुलाई दरें इस समय आसमान पर हैं। इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि मुख्य रूप से सोने और कच्चे तेल के आयात की वजह से व्यापार घाटा बढ़ा है। नायर ने कहा कि आने वाले समय में सोने का आयात कम होने की संभावना है। ऐसे में सितंबर में व्यापार घाटा कम होकर 10 अरब डॉलर पर आ सकता है।

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