संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने कहा कि 40 लाख अफगान लोग ”एक खाद्य आपात स्थिति” का सामना कर रहे हैं, जहां अधिकतर ग्रामीणों को शीतकाल में गेहूं की खेती और पशुओं के चारे के लिए वित्तीय मदद की तत्काल जरूरत है, साथ ही वंचित समूहों के परिवारों, बुजुर्गों तथा विकलांगों के लिए नकद सहायता की आवश्यकता है।

खाद्य एवं कृषि संगठन के ‘इमरजेंसी एंड रिसिलेंस’ कार्यालय के निदेशक रीन पॉलसन ने मंगलवार को काबुल से एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में बताया कि 70 प्रतिशत अफगान ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और कृषि अफगान आबादी के लिए बहुत जरूरी है। यह अफगानिस्तान के सकल घरेलू उत्पाद का 25 प्रतिशत से अधिक का प्रतिनिधित्व करती है, सीधे तौर पर 45 प्रतिशत कार्यबल को रोजगार देती है और ” सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह 80 प्रतिशत अफगान आबादी के लिए आजीविका का साधन है”।

उन्होंने कहा कि देश के 34 प्रांतों में से 24 में 73 लाख लोग गंभीर सूखे से जूझ रहे हैं और ग्रामीण समुदाय वैश्विक महामारी से भी प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि 40 लाख अफगान एक मानवीय आपात स्थिति का सामना कर रहे हैं।

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