कागजों पर ज्यादा और मौके पर कम लोगों द्वारा काम करने का खेल लखनऊ नगर निगम में अभी भी जारी है। मंगलवार को यह गड़बड़ी खुद नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने पकड़ी।

जोन छह में दौर के दौरान उन्होंने पाया कि रूट पर सफाई के लिए 89 कर्मचारी लगाए गए हैं, लेकिन मौके पर सिर्फ नौ कर्मचारी काम करते हुए मिले। इस भ्रष्टाचार को देखते हुए नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था को हटाने का आदेश जारी कर दिया।

इससे पहले भी कई बार मौके पर कम सफाई कर्मचारी मिल चुके हैं। बताया जाता है कि कई नगर निगम के पार्षद इस मामले में कार्यदायी संस्था के साथ मिलकर काम करते हैं।

दरअसल, नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी बुद्धेश्वर चौराहे से लेकर दुबग्गा जाने वाली रोड का जायजा लेने पहुंचे थे। इस सड़क के लिए 89 कर्मचारी ड्यूटी पर लगाए गए हैं, लेकिन मौके पर 80 लोग गायब थे। इसको लेकर वह संबंधित अधिकारियों को भड़क उठे। सभी लोगों को वहीं पर फटकार लगाई और तत्काल कार्यदायी संस्था को कार्यमुक्त करने का निर्देश दिया।

गंदगी पर 50 हजार का जुर्माना

इसके अलावा नगर आयुक्त ने ऐशबाग से हैदरगंज फ्लाईओवर होते हुए ठाकुरगंज, बालागंज, दुबग्गा, रिंग रोड, बुद्धेश्वर चौराहा से मोहान रोड स्थित शकुंतला मिश्रा विश्वविद्यालय तक निरीक्षण किया। रास्ते में उनको कई जगह उनको गंदगी नजर आई। यहां सफाई का ध्यान नहीं दिया गया था। नगर आयुक्त ने मैसर्स बालाजी के खिलाफ 50 हजार रुपए का जुमाने लगाने का आदेश जारी किया।

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