अधूरी बनी सामुदायिक शौचालय की दीवार में पड़ी दीवार

मानकों को अनदेखा कर कराया गया निर्माण कार्य,शौचालय की छत भी धसी,ग्रामीणों ने दूसरा शौचालय बनवाने की मांग की

हमीरपुर-14 सितम्बर
विकास खण्ड मुस्करा क्षेत्र में निर्माण कार्य में की गई अनियमितता का यह पहला मामला नहीं है।इस विकासखंड क्षेत्र के प्रधान व सचिव ऐसे कारनामे आये दिन करते रहतें है।और जिम्मेदार अधिकारी अपनी कुम्भकर्णीय नींद में मस्त रहते हैं ,ये अधिकारी यदा कदा ही किसी कार्य को देखते होंगे परिणाम यह निकलता है कि ग्राम प्रधान व सचिव गांव में हो रहे विकास कार्यो में जमकर धांधली करते हैं,सरकारी रूपयों को पानी की तरह बहाते है,रूपयों का बन्दरबांट करते हैं, और मानक के विपरीत बनने के कारण इमारतें पूरी बनने से पहले ढहने की कगार पर आ जाती हैं।

मुस्करा विकासखंड के कैमोखर गांव में ठीक ऐसा ही हुआ है। लाखों की लागत से बन रहा सार्वजनिक शौचालय भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है।इस शौचालय के बनवाने में जमकर धांधली हुई है,मानक के विपरीत बनवाने के कारण शौचालय की दीवार में दरार पड़ गई है जो कभी भी गिर सकती है, जिसके चलते कोई गंभीर घटना भी घटित हो सकती है,दीवार में दरार वाली बात अगर एक तरफ कर भी दी जाये तो अभी हाल ही के दिनों में पड़ी इस सार्वजनिक शौचालय की छत पूरी तरह से धस गई हैं।आलम यह है कि थोड़ा दूर से देखने पर ऐसा लगता है कि शौचालय की छत कभी भी गिर सकती हैं।


गौरतलब हो कि अभी इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ हैं और इसकी अभी से यह हालत है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य जब गांव में प्रशासक नियुक्त किए गए थे तब शुरू हुआ था और गांव के सचिव मृत्युंजय राय ने इमिलिया गांव के ठेकेदार को इसको बनवाने का ठेका दे दिया था।उस ठेकेदार ने दस/एक के मानक से इसमें मसाला लगवाया और रेत के बजाय ज्यादा मात्रा में डस्ट का प्रयोग किया ।ग्रामीणों ने बताया कि इस शौचालय के निर्माण कार्य में मानकों की जमकर धज्जियाँ उड़ाई गई है उसी का परिणाम है कि यह पूरी बनने के पहले ही ध्वस्त होने की कगार में पहुंच गया है।निवर्तमान ग्राम प्रधान बच्चा लाल वर्मा ने प्रशासन से दूसरी नयी शौचालय बनवाने के लिए माँग की है व मानक के विपरीत बनवाने वाले जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्यवाही करने के लिए प्रशासन से मांग की है।


ज्ञानतव्य हो की अभी हाल ही के दिनों में सार्वजनिक शौचालय में महज कुछ कार्य शेष होने पर ब्लाक मुस्करा के कई सचिवों को विकास खण्ड अधिकारी मुस्करा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया था।मगर यह सार्वजनिक शौचालय तो तकरीबन अभी आधा ही बना है और वो भी धराशायी होने की कगार पर है,और अब देखना मह होगा कि जिला प्रशासन इनपर क्या कार्यवाही करता है,मजेदार बात यह है कि एक तरफ शौचालय पूरा बना भी नहीं है और दूसरी तरफ ग्राम निधि से 27 हजार रुपये समूह की महिलाओं को अदा भी किया जा चुका है।
सवाल यह है कि जब शौचालय निर्माण कार्य पूरा ही नहीं हुआ तो समूह की महिलाओं को रू क्यो दिये गए। क्या प्रशासन द्वारा इस ध्वस्त शौचालय का दोबारा से निर्माण कार्य करवाया जायेगा या उसी को रहने दिया जायेगा और अगर प्रशासन ने इस ध्वस्त शौचालय को अनदेखा किया और उसके ढहने से भविष्य में कोई गंभीर घटना घटित होती हैं तो जिम्मेदारी कौन लेगा।
देखना यह होगा कि इस सार्वजनिक शौचालय के निर्माण कार्य में जिस प्रकार से मानकों को ताक पर रखकर धांधली हुई है इसमें संलिप्त अधिकारियों के ऊपर प्रशासन क्या कार्यवाही करता है ।

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