कोलकाता, 12 सितंबर l पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के बेहला पर्णश्री इलाके में 13 साल के तामोजित मंडल और 33 साल की सुष्मिता मंडल हत्याकांड की गुत्थी आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। मृतका सुष्मिता के दो मौसेरे भाइयों 44 वर्षीय संजय दास और 33 साल के संदीप दास ने दोनों को मौत के घाट उतारा था। कोलकाता पुलिस के संयुक्त आयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने रविवार को लालबाजार स्थित कोलकाता पुलिस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन कर यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि बहन के गहने हथियाने के लिए ही दोनों ने योजनाबद्ध तरीके से हत्या की है।


दोनों हत्यारे महेश्तला के रहने वाले हैं। मुरलीधर शर्मा ने बताया कि सबसे पहले इन लोगों ने सुष्मिता को मौत के घाट उतारा था जिसे उसके बेटे तामोजित ने देख लिया था। इसीलिए उसे भी मौत के घाट उतार दिया। संजय और संदीप महेशतला के घोषपाड़ा श्यामपुर के रहने वाले हैं। दोनों तंगहाली में जिंदगी गुजार रहे थे। संजय पर बाजार से काफी अधिक कर्ज था। उसे पता था कि बहन के पास इतने गहने हैं जिसे बेच कर उसका कर्ज भी उतर जाएगा और आर्थिक तंगहाली भी खत्म हो जाएगी। इसीलिए भाई के साथ मिलकर गत सोमवार दोपहर 12:30 बजे बहन के घर आया था।

दोनों परिचित थे इसलिए घर में आने में कोई समस्या नहीं हुई। तमोजीत ऑनलाइन क्लास कर रहा था। उसी का फायदा उठाकर संदीप और संजय ने मिलकर सुष्मिता को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि भागदौड़ की आवाज सुनकर तमोजीत मौके पर पहुंच गया था जिसकी वजह से साक्ष्य खत्म करने के लिए तमोजीक को भी मौत के घाट उतारा। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी बताया है कि साक्ष्य मिटाने के लिए हैं मृतका का मोबाइल और उस लैपटॉप को भी ले गए थे जिसके जरिए तमोजीत का ऑनलाइन क्लास चल रहा था।

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