किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) अपने यहां आने वाले सभी गरीब मरीजों व आर्थिक रूप से कमजोर रोगियों को मुफ्त एमआरआइ सेवा देना चाहता है। ताकि कमजोर आर्थिक वर्ग वाले मरीजों पर पड़ने वाले चिकित्सा के बोझ को और भी हल्का किया जा सके।

केजीएमयू के कुलपति ले. जनरल बिपिन पुरी ने इसके लिए शासन व राज्यपाल से नई एमआरआइ मशीन मांगी है। इसके बाद मरीजों की मुश्किलें काफी आसान हो जाएंगी। अभी यहां विभिन्न रोगों से संबंधित डाक्टरों के परामर्श पर अलग-अलग तरह की एमआरआइ कराने का शुल्क 2500 से 4500 रुपये तक है। इस वजह से गरीब मरीजों के सामने कई बार आर्थिक अक्षमता से मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं।

जब तक संस्थान व अन्य माध्यमों से उनको राहत दिलाने का प्रयास होता है तब तक एमआरआइ होने में विलंब होने से इलाज भी बाधित रहता है। मगर अब ऐसा नहीं होगा। केजीएमयू ऐसे आर्थिक रूप से अक्षम सभी जरूरतमंदों को मुफ्त एमआरआइ सेवा उपलब्ध कराएगा।

बहुत उम्मीदों से केजीएमयू आता है मरीज: कुलपति डा. बिपिन पुरी ने कहा कि जब भी कोई मरीज केजीएमयू आता है तो वह बहुत सारी उम्मीदें लेकर आता है। मरीज को यह पता होता है कि यहां मेरा अच्छा व सस्ता इलाज होगा।

ऐसे में हम ऐसे सभी जरूरतमंदों को एमआरआइ के खर्च के बोझ से मुक्त करना चाहते हैं। ताकि यहां गरीब से गरीब मरीज का अच्छा व मुफ्त इलाज हो सके। ऐसा होने पर मरीज स्वस्थ व खुशहाल होकर यहां से जाएगा। यही हमारी संतुष्टि होगी।

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