अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के फोटो को लेकर फिर से विवाद खड़ा हो गया है। शहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 14 सितंबर को होने वाले दौरे से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के कार्यकर्ता वहां से जिन्नाह का फोटो हटाने की मांग पर अड़े हैं।

उन्होंने इसके लिए रविवार (12 सितंबर, 2021) की शाम को डीएस कॉलेज में विरोध प्रदर्शन भी किया, जबकि बाद में गांधी पार्क बस स्टैंड के पास बने पब्लिक टॉयलेट में जिन्नाह की तस्वीरें चिपका दीं।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिस वक्त जिन्ना के फोटो शौचालय में लगाए थे, उस वक्त कुछ लोगों ने फोटो भी खींच लिए थे। थोड़ी देर बाद ही इस घटना से जुड़ी तस्वीरें वायरल होने लगीं। हालांकि, इस बारे में जब प्रशासन को खबर हुई, तो वहां चिपकाए गए फोटो तत्काल हटवा दिए गए।

इससे पहले, नौ सितंबर को शिवांग तिवारी नाम के बीजेपी नेता के नेतृत्व में युवाओं ने पीएम को खून से खत लिखकर एमएमयू से जिन्ना का फोटो हटाने की मांग की थी। उन्होंने इस दौरान वहां विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिस पर प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि उनकी मांग सरकार तक पहुंचाई जाएगी।

दरअसल, पीएम मोदी मंगलवार को अलीगढ़ जिला मुख्‍यालय से 30 किमी दूर लोधा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्‍य विश्‍वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। साथ ही वह उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा (डिफेंस कॉरिडोर) के अलीगढ़ क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान में सोमवार को दी गई।

पीएमओ के मुताबिक, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 14 सितंबर को दोपहर 12 बजे राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री जनता को संबोधित भी करेंगे।’’ बाद में वह विवि कैंपस का दौरा भी करेंगे। इस दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे।

पीएमओ ने कहा कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश रक्षा गलियारा (डिफेंस कारिडोर) के तहत अलीगढ़ क्षेत्र का दौरा भी करेंगे। उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे में अलीगढ़ सहित छह शहर शामिल हैं।

बता दें कि योगी आदित्‍यनाथ ने राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर अलीगढ़ में नया राज्‍य विवि स्‍थापित करने का लोकसभा चुनाव के दौरान वादा किया था। जानकारों का कहना है कि अलीगढ़ विश्‍वविद्यालय की स्‍थापना के लिए राजा महेंद्र सिंह ने अपनी जमीन दान की थी।

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