लगातार हो रही बारिश के कारण यूपी के कई गांव बाढ़ के चपेट में आ गए हैं. इसी कड़ी में बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर बीजेपी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

सोमवार को बसपा प्रमुख ने ट्वीट कर कहा, ‘यूपी के खासकर पूर्वांचल में बाढ़ के कारण इस वर्ष फिर व्यापक तबाही व बर्बादी से लाखों परिवारों का जीवन अति-बेहाल हो गया है।

आपेक्षित सरकारी मदद ज्यादातर कागजी व हवा-हवाई होने से बेघर हुए लोगों का जीवन अति कष्टदायी बना हुआ है, जो बेहद दुःखद. सरकार तुरन्त उचित कदम उठाए।

उन्होंने आगे कहा कि स्पष्टतः उचित सरकारी मदद के अभाव में अति-विपदा में जीवन व्यतीत कर रहे लोगों को अपने सामर्थ्य के हिसाब से मदद करने वाले बीएसपी के लोगों से पुनः अपील है कि वे बाढ़ पीडितों को बेसहारा न छोड़ें तथा उनके प्रति अपनी मानवीय जिम्मेदारी का यथासंभव निर्वहन जारी रखें।

उधर, उत्तर प्रदेश में बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ पीड़ितों को बिना देरी किए राहत और बचाव सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

सीएम योगी ने कहा कि बाढ़ के बाद अब राहत बचाव कार्य युद्ध स्तर पर शुरू होना चाहिए. तीन दिन के अंदर बाढ़ प्रभावित सभी गांव में राहत सामग्री बंट जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इसकी निगरानी वह स्वयं करेंगे. इसमें कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसकी मानीटरिंग के लिए सीएम ने हर बाढ़ प्रभावित गांव में एक नोडल अधिकारी तैनात करने का आदेश भी जारी कर दिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि जल जमाव से प्रभावित क्षेत्र में छिड़काव शुरू कराएं. बाढ़ के बाद सांक्रामक बीमारियों को अंदेशा है इसके लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार रहे।

सभी स्वास्थ्य केन्द्र में एंटी स्नैक वेनम होना चाहिए, ताकि सर्पदंश का त्वरित इलाज शुरू हो सके. अस्पताल पहुंचने वाले किसी मरीज को कोई भी समस्या नहीं हो. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को 3 दिन के भीतर राहत सामग्री पहुंचा दी जाए ताकि उन्हें कोई समस्या न हो।

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