उत्तरा प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले कालेधन की राजनीति फिर से हो सकती है। भारत को इसी महीने स्विस बैंक अकाउंट की डिटेल का तीसरा सेट मिल जाएगा।

ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इन्फॉर्मेशन समझौते के तहत स्विट्जरलैंड स्विस बैंक के भारतीय खातेदारों की जानकारी भारत सरकार को देगा। इसमें पहली बार भारतीयों के मालिकाना हक वाली अचल संपत्ति का डेटा भी शामिल होगा।

अधिकारियों ने रविवार को कहा कि विदेशों में कथित रूप से जमा काले धन के खिलाफ भारत सरकार की लड़ाई में यह मील का पत्थर है। भारत को इस महीने स्विट्जरलैंड में भारतीयों के फ्लैट और अपार्टमेंट के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी। साथ ही ऐसी संपत्तियों से होने वाली कमाई पर टैक्स देनदारियों को जानने में मदद मिलेगी।

इस बहाने सरकार 2014 के चुनाव की तरह फिर से काले धन की राजनीती कर सकती है गौरतलब है कभी सरकार ने कहा था कालाधन वापस आएगा और सबको 15 लाख मिलेगा। लेकिन आज तक यह कथित जुमला ही साबित हुया।

विशेषज्ञों ने बैंक के कदम को सही माना


स्विट्जरलैंड की सरकार ने भारत के साथ यह जानकारी साझा करने पर सहमति जताई है। इस फील्ड से जुड़े विशेषज्ञों और स्विट्जरलैंड में निवेश को आकर्षित करने वाले कारोबारियों ने इस कदम को सही बताया है।

उन्होंने कहा कि दुनियाभर में लोगों को लगता है कि स्विट्जरलैंड की संपत्तियों में अवैध पैसे निवेश किए गए हैं। स्विस सरकार के इस कदम से गलत धारणाएं दूर होंगी।

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