हरियाणा में किसानों की बड़ी जीत हुई है। किसान यहां 7 सिंतबर से धरने पर बैठे थे. किसानों के 9 सिंतबर के बातचीत के बाद आखिरकार किसानों की जीत हुई है 11 सिंतबर को किसानों की तीनों मांगों को मान ली गई है जिसमें यह मांग की गई थी कि आईएएस पर न्यायिक जांच हो, शहीद हुई किसानों के परिवार के दो लोगों को नोकरी दी जाए ओर मुआवजे के रूप में पच्चीस लाख रुपए दिए जाए ओर घायलों को मुआवजा दिया जाए।

पहले तो सरकार ने अक्कड़पन दिखाया लेकिन सरकार को पता लग गया कि किसान मानने वाले नहीं है जिस प्रकार से भाजपा का जनाधार घट रहा है वैसे में सरकार के लिए किसानों की यह धरना आखिर ताबूत न साबित हो जाए। आखिर कार सरकार ने तीनों मांगें मान ली तब जाकर किसानों में खुशी की लहर दोड़ पड़ी किसान जो मिनी सचिवालय में डटे थे वहां से हट गए जैसे किसान हटे वैसे ही पुलिस बल भी धीरे धीरे हट गए।

सरकार ने आईएएस आयुष सिन्हा पर न्यायिक जांच की मांग को मान लिया है वह भी एक महीने में रिपोर्ट दिया जाने की बात कही गई। हम आपको घटनाचक्र के बारे में बताते हैं। किसानों पर लाठी चार्ज हुआ। सुशील नामक किसान शहीद हो गए इसके बाद किसान मिनी सचिवालय पर धरना पर बैठ गए जिसके बाद 9 सिंतबर को किसान नेता गुरनाम सिंह चुटनी के नेतृत्व में 13 नेता सरकार से बातचीत करने गए। जिसमें तीन मांगों को रखा गया। कहा गया कि यह तीन मांगों को सरकार मानें तभी बातचीत होगी। सरकार ने कोई चारा न देखते हुए बाते मान ली। मुआवजा दिया गया नोकरी देने की बात मान ली गई.

इसके बाद किसान नेता राकेश टिकैत का बयान आया कि यह तो शुरुआत है अभी जश्न मनाने का समय नहीं है सरकार तीनों कृषि कानून को वापस ले तो हम जश्न मनाएंगें। दरअसल मुजफ्फरनगर में जिस प्रकार से किसान महापंचायत का आयोजन हुआ उसके बाद से ही सरकार की चूले हिलती नजर आ रही है। राकेश टिकैत ने साफ कर दिया है कि वे यूपी में योगी सरकार को हराएंगें। बीजेपी नेताओं को यूपी के गांवों में घुसने नहीं दिया जा रहा है।

यह वीडियो आपने देखा होगा. किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि वह जबतक गांव नहीं जाएंगे जबतक कृषि कानून वापस नहीं होता है. यूपी में खासतोर पर पश्चिमी यूपी में बीजेपी का हालत खस्ता है। जिस प्रकार से किसानों का आंदोलन चल रहा है इससे यह तो साफ हो गया है कि बीजेपी को विधानसभा चुनाव में पसीने आएंगें. अगर यूपी हार गए तो मोदी के लिए आम चुनाव में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। बहरहाल किसान अभी जोश में हैं ओर दिल्ली के तीनों बोर्डर टिकरी बोर्डर, सिंदू बोर्डर ओर गाजीपुर बोर्डर पर काफी जोश खरोश के साथ जमे हैं। इनकी करनाल की जीत आगे का रास्ता साफ कर रहा है। वहीं बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है.

Share.

Comments are closed.