माना जा रहा है कि बीजेपी ने सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी की काट के लिए चेहरा बदल दिया है। हाल ही में उत्तराखंड और कर्नाटक में भी बीजेपी ने यह फॉर्मूला अपनाया है। पिछले 6 महीने में बीजेपी ने 4 मुख्यमंत्री बदल दिए हैं।

राजनीतिक जानकार इसके पीछे की वजह भाजपा के प्रति लोगो में व्याप्त गुस्से को बताया है। दरसल पिछले सरकार भाजपा ने जो विकास का दावा किया वह कंही दिख नहीं रहा है। अपराध और सामुदायिक आधारित हिंसा के मामले भी कथित रूप से बढे है व्यापरियों में भाजपा की नीति के प्रति रोष है उनका कहना भाजपा के नीति का फायदा केवल गुजरात के बड़े व्यापारियों को ही हुआ है।

रूपाणी से पहले कर्नाटक में जुलाई में बीएस येदियुरप्पा को कुर्सी छोड़नी पड़ी। बीएस येदियुरप्पा से पार्टी के कई नेता नाराज चल रहे थे। उत्तराखंड में तीरथ सिंह रावत को हटा दिया गया, जबकि मार्च में ही त्रिवेंद्र सिंह रावत को हटाकर उन्हें सीएम बनाया गया था। गुजरात और उत्तराखंड में अगले साल चुनाव होने जा रहा है।

अगस्त में आरएसएस और भाजपा का गुप्त सर्वे चौंकाने वाला था। कांग्रेस के 43% वोट और 96-100 सीट, भाजपा को 38% वोट और 80-84 सीट, आप को 3% वोट और 0 सीट, मीम को 1% वोट और 0 सीट और सभी निर्दलीय को 15% वोट और 4 सीट मिल रही थी।’

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