मुरादाबाद में करीब 400 करोड़ रुपए की जमीन को ठिकाने लगाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। रामगंगा के किनारे जिस सरकारी जमीन पर तटबंध बनाया जाना है।

उस पर सिंचाई विभाग, पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट, एमडीए और नगर निगम के इंजीनियरों ने बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, बारातघर, मकान और कोठियां बनवा दी हैं।

जो लाल चुनाव में गंगा बचाने और नदियों को माँ कहकर उन्हें बचाने के उत्तेजित होते है उन्हें भनक भी नहीं हुयी रामगंगा को गोद तक बेंच डाला। कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर गठित टीम ने सर्वे में नदी की जमीन पर 4000 अवैध निर्माण चिन्हित किए हैं।

इतने बड़े स्केल पर सरकारी जमीन पर हुए कब्जे से नाराज कमिश्नर ने मुरादाबाद के डीएम से रिपोर्ट तलब की है। कमिश्नर ने उन इंजीनियरों के नामों की लिस्ट मांगी है, उनकी मिलीभगत से नदी की जमीन पर यह कब्जे हुए।

रामगंगा नदी के किनारे 74 मीटर की दूरी तक की जो जमीन तटबंध के लिए रिजर्व थी, उसपर जिगर कालोनी से लेकर जामा मस्जिद तक 4000 अवैध कब्जे कर लिए गए। इस खेल में सिंचाई विभाग, MDA,प्रदूषण नियंत्रण विभाग और नगर निगम के अधिकारियों की भूमिका उजागर हुई है।

सालों से जमे इंजीनियरों का दामन दागदार

जिगर कॉलोनी से लेकर जामा मस्जिद तक रामगंगा नदी के किनारे की करीब 10 लाख वर्ग मीटर भूमि पर 4000 अवैध कब्जे हुए हैं। जिसकी कीमत करीब 400 करोड़ रुपए है।

कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह के आदेश पर गठित टीम ने भी 4000 अवैध कब्जे होने की रिपोर्ट दी है। इन अवैध कब्जों में सबसे ज्यादा दामन सिंचाई विभाग के उन इंजीनियरों का दागदार है, जो यहां सालों से जमे हुए हैं।

अरबों की सरकारी जमीन में करोड़ों का खेल

नदी की जमीन पर फैक्ट्रियों का निर्माण कराने की एवज में करोड़ों रुपए की डील होने के आरोप लग रहे हैं। नदी की जमीन पर कब्जा कर फैक्ट्रियां बनाने वालों ने पहले सिंचाई विभाग से डील की फिर निर्माण के लिए एमडीए के इंजीनियरों से सौदा किया। पॉल्यूशन कंट्रोल डिपार्टमेंट के अफसर भी कठघरे में खड़े हैं।

कमिश्नर बोले- बख्शे नहीं जाएंगे दोषी

मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय कुमार सिंह का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर नदी की जमीन में बड़ी- बड़ी फैक्ट्रियां बिना विभागीय मिलीभगत के नहीं बन सकतीं।

जब ये फैक्ट्रियां बन रही थीं और अवैध कब्जे हो रहे थे तो आखिर सिंचाई विभाग के इंजीनियर क्या कर रहे थे। कमिश्नर का कहना है कि दोषियों को कतई बख्शा नहीं जाएंगे। DM से रिपोर्ट मांगी गई है। दोषियों के नाम आते ही उनके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।

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