कामकाजी महिलाओं के बारे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के बयान के बाद कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उनपर निशाना साधा है. दिग्विजय सिंह भागवत के बयान के बाद आरएसएस की तुलना तालिबान से की है. भागवत ने हाल ही में कहा था कि पुरुष कमाने वाले हैं और महिलाएं गृहिणियां हैं.

तालिबान और आरएसएस के विचार समान नहीं हैं ?- दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट में कहा कि क्या कामकाजी महिलाओं पर तालिबान और आरएसएस के विचार समान नहीं हैं? इस हफ्ते यह दूसरी बार है जब आतंकी संगठन की तुलना आरएसएस से की गई है. दिग्विजय आरएसएस के कटु आलोचक हैं. वह अधिकतर आरएसएस की आलोचना करते रहे हैं और आरोप लगाते है कि संगठन झूठ और नकली आख्यान फैलाकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों को विभाजित कर रहा है.

हिंदुओं-मुसलमानों का डीएनए एक है तो ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दे क्यों उठाए गए?- दिग्विजय

दिग्विजय ने कहा कि जब हिंदुओं और मुसलमानों का डीएनए एक है तो ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दे क्यों उठाए गए? दिग्विजय आरएसएस के कटु आलोचक हैं. वह अधिकतर आरएसएस की आलोचना करते रहे हैं और आरोप लगाते है कि संगठन झूठ और नकली आख्यान फैलाकर हिंदू और मुस्लिम समुदायों को विभाजित कर रहा है.

दिग्विजय ने किया जावेद अख्तर का समर्थन

वहीं, दिग्विजय सिंह ने तालिबान को लेकर दिए गए बयान पर गीतकार जावेद अख्तर का समर्थन और बचाव किया है. दिग्विजय ने कहा कि सभी को बोलने की स्वतंत्रता है. मुझे नहीं पता कि उन्होंने किस संदर्भ में ऐसा कहा था, लेकिन हमारे संविधान ने हमें खुद को व्यक्त करने का अधिकार दिया है.

बॉलीवुड-गीतकार अख्तर ने कहा था कि उन्होंने तालिबान और आरएसएस के बीच एक असाधारण समानता देखी. जैसे ‘जैसे तालिबान एक इस्लामिक स्टेट चाहता है, वैसे ही भारत में आरएसएस हिंदू राष्ट्र चाहते हैं. उन्होंने कहा था कि दुनिया भर में दक्षिणपंथी एक ही चीज चाहते हैं. ये लोग एक ही मानसिकता के हैं.

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