करीब दो अरब डॉलर का नुकसान उठाने के बाद अमेरिकी कार कंपनी फोर्ड की भारतीय सहयोगी फोर्ड इंडिया ने अपने प्लांट बंद करने का फैसला किया है।

फोर्ड इंडिया ने अपने स्टाफ को इस बात की जानकारी दी है कि वह भारत में कार मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बंद करने जा रही है। फोर्ड इंडिया के इस फैसले से 4000 से अधिक स्टाफ की जॉब चली जाएगी।

बिक्री में काफी कमजोरी

फोर्ड इंडिया की भारत में कारोबारी यात्रा बहुत अच्छी नहीं रही है। पिछले कुछ सालों से कंपनी भारतीय बाजार में कार की बिक्री बढ़ाने में विफल साबित हुई है। इसके साथ ही फोर्ड इंडिया की कारों का निर्यात भी गिरा है और नए प्रोडक्ट लॉन्च करने में देरी की वजह से घरेलू बाजार में फोर्ड इंडिया की हिस्सेदारी तेजी से गिरी है।

भारी नुकसान की आशंका

फोर्ड इंडिया ने हालांकि कहा है कि गुजरात के साणंद में मौजूद इसका इंजन प्लांट चालू रहेगा और भारत के ग्राहकों के लिए उसकी सर्विस चालू रहेगी। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि कंपनी मर्की फोर्ड मस्तांग और फोर्ड एंडेवर को भारत में बेचना चाहती है। फोर्ड इंडिया का भारतीय कारोबार बंद करने के पीछे पिछले कुछ सालों में हुआ करीब दो अरब डॉलर का नुकसान समझा जा रहा है।

सबसे पहले सानंद प्लांट बंद

आने वाली 7 तिमाही तक फोर्ड भारत में कार बनाती रहेगी। कंपनी अपने दोनों फैक्ट्री के लिए बायर ढूंढ चुकी है। गुजरात के साणंद प्लांट में इस समय करीब 10 फ़ीसदी क्षमता से कामकाज हो रहा है।

फोर्ड इंडिया का सानंद प्लांट सबसे पहले बंद होने की आशंका है। उम्मीद जताई जा रही है कि फोर्ड इंडिया का चेन्नई प्लांट साल 2022 तक काम करता रहेगा। इसकी वजह ग्लोबल आर्डर को पूरा करना और भारतीय कामकाज को समेटने की प्नक्रिया है।

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